टाटा ट्रस्ट्स की 8 मई को होने वाली बोर्ड बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के प्रतिनिधित्व की समीक्षा करना है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस (सॉल्ट-टू-सॉफ्टवेयर समूह की होल्डिंग कंपनी) में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
फिलहाल टाटा ट्रस्ट्स के टाटा संस बोर्ड में दो नामित निदेशक टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन हैं। टाटा ट्रस्ट्स के दूसरे वाइस-चेयरमैन विजय सिंह सितंबर 2025 तक तीसरे नामित निदेशक थे, लेकिन ट्रस्ट्स के भीतर दो गुटों के बीच टकराव के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। अगर इस समीक्षा के बाद श्रीनिवासन बोर्ड से बाहर होते हैं, तो नोएल टाटा टाटा संस बोर्ड में एकमात्र ट्रस्टी प्रतिनिधि रह जाएंगे। नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा, जो दोराबजी टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं, अभी तक टाटा संस बोर्ड में शामिल नहीं हैं।
इसी बीच, नोएल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट में स्थायी ट्रस्टी बने रहने को लेकर लीगल स्क्रूटनी का सामना करना पड़ रहा है। यहां जिमी टाटा और जहांगीर जहांगीर भी आजीवन ट्रस्टी हैं। महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट के अनुसार, केवल 25 प्रतिशत ट्रस्टी ही आजीवन सदस्य हो सकते हैं। वर्तमान में ट्रस्ट में छह ट्रस्टी हैं, यानी केवल एक ही ट्रस्टी स्थायी सदस्य रह सकता है। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे वरिष्ठ सदस्य जिमी टाटा को यह दर्जा मिलना चाहिए।
टाटा ट्रस्ट्स बोर्ड की बैठक में एक अन्य अहम मुद्दा टाटा संस के संभावित लिस्टिंग को लेकर दोनों वाइस चेयरमैन- श्रीनिवासन और सिंह- के सार्वजनिक बयानों पर चर्चा करना होगा। सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल टाटा संस को सूचीबद्ध करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया था, लेकिन हाल के बयानों में दोनों नेताओं ने इसके पक्ष में राय दी है। उनका तर्क है कि लिस्टिंग से कंपनी को खासकर टेक्नोलॉजी जैसे पूंजी-गहन क्षेत्रों में फंड जुटाने में मदद मिलेगी। टाटा ट्रस्ट्स ने 8 मई की बैठक के एजेंडे पर बिजनेस स्टैंडर्ड के सवाल का जवाब नहीं दिया।
टाटा संस की लिस्टिंग का मुद्दा लंबे समय से चल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऊपरी स्तर की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होना अनिवार्य किया था। हालांकि टाटा संस, जिसे इस श्रेणी में रखा गया था, अभी तक सूचीबद्ध नहीं हुआ है। कंपनी ने इस श्रेणी से छूट की मांग की थी, लेकिन संकेत हैं कि RBI इसे मंजूरी नहीं दे सकता।
इसे देखते हुए टाटा ट्रस्ट्स की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जून में टाटा संस की भी एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें समूह की दिशा तय करने वाले कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।