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TCS को AI में दिख रहे हैं 5 बड़े मौके, निवेशकों के लिए अहम संकेत

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चंद्रशेखरन ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही में TCS का AI कारोबार सालाना आधार पर 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था

Last Updated- June 09, 2026 | 1:24 PM IST
N Chandrasekaran

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कहना है कि आने वाले तीन साल में कंपनी में जितने कर्मचारी होंगे, लगभग उतने ही AI एजेंट भी काम कर रहे होंगे। कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि TCS इस समय अपने इतिहास के सबसे अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। उनका कहना है कि दुनिया भर की कंपनियां AI पर तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं और इसकी वजह से TCS के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। अब ऐसी संस्थाएं भी IT सेवाओं की जरूरत महसूस कर रही हैं, जो पहले कभी इस क्षेत्र की ग्राहक नहीं थीं।

AI कारोबार से बढ़ रही कमाई

चंद्रशेखरन ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही में TCS का AI कारोबार सालाना आधार पर 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। यह कारोबार हर तिमाही औसतन 22.4 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है और इसका असर कंपनी के कारोबार में भी साफ दिखाई दे रहा है।

AI से नौकरियों को लेकर उठ रहे सवाल

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर AI कई काम खुद कर सकता है तो IT कंपनियों और कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा। चंद्रशेखरन ने माना कि निवेशकों और बाजार में यह चिंता मौजूद है। लेकिन उनका कहना है कि AI और IT सेवाओं के रिश्ते को लेकर कई गलतफहमियां हैं।

AI सिर्फ मेहनत कम करने वाला टूल नहीं

उन्होंने कहा कि AI सॉफ्टवेयर बनाने और उसे संभालने में इंसानों की जरूरत जरूर कम कर सकता है, लेकिन इसकी भूमिका सिर्फ इतनी नहीं है। AI को केवल एक तकनीक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक नए तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। यही वजह है कि AI के आने से बाजार छोटा नहीं बल्कि और बड़ा हो रहा है।

कारोबार की स्थिति मजबूत बनी हुई

चंद्रशेखरन ने कहा कि AI को लेकर तमाम चर्चाओं के बावजूद TCS के कारोबार की बुनियाद मजबूत है। कंपनी की कमाई बढ़ रही है, मुनाफा स्थिर बना हुआ है और नए प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि उद्योग में AI को लेकर अवसर अभी बहुत बड़े हैं।

AI में दिख रहे हैं पांच बड़े मौके

TCS प्रमुख का कहना है कि AI के दौर में कंपनी को पांच बड़े अवसर दिखाई दे रहे हैं। इनमें बड़ी कंपनियों के पुराने टेक्नोलॉजी सिस्टम को आधुनिक बनाना, बिजनेस प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार करना, कंपनियों में AI की निगरानी और प्रबंधन करना, देशों और संस्थाओं के लिए सॉवरेन AI सिस्टम तैयार करना और मशीनों व रोबोट्स में AI का इस्तेमाल बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा कि TCS इन सभी क्षेत्रों में पहले से काम कर रही है और अपने ग्राहकों को समाधान दे रही है।

भरोसा और अनुभव ही सबसे बड़ी ताकत

चंद्रशेखरन ने कहा कि AI के दौर में सबसे बड़ी ताकत सिर्फ AI मॉडल नहीं होंगे। असली फर्क ग्राहकों का भरोसा, उनके कारोबार की गहरी समझ और लंबे समय से बने रिश्ते पैदा करेंगे। उनके मुताबिक यही वजह है कि TCS को भरोसा है कि वह इस तकनीकी बदलाव का नेतृत्व करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहेगी।

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First Published - June 9, 2026 | 1:24 PM IST

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