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TCS का बड़ा हायरिंग ब्लास्ट! FY27 में 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर, लेकिन आगे की भर्ती पर CEO ने डिमांड को बताया गेमचेंजर

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TCS ने FY27 के लिए 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दिए हैं और हायरिंग को पूरी तरह बिजनेस डिमांड पर निर्भर बताया है।

Last Updated- April 12, 2026 | 1:27 PM IST
TCS
Representative image

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए करीब 25,000 फ्रेशर्स को नौकरी के ऑफर दिए हैं। कंपनी ने साफ किया है कि आगे की भर्ती पूरी तरह मांग की स्थिति पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे बिजनेस डिमांड स्पष्ट होगी, अतिरिक्त भर्तियों का फैसला लिया जाएगा।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में लगभग 44,000 फ्रेशर्स को नियुक्त किया था। यह आंकड़ा निजी क्षेत्र के किसी भी बड़े नियोक्ता के लिए सबसे अधिक में से एक माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब आईटी सेक्टर कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है।

TCS के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर K Krithivasan ने PTI को दिए इंटरव्यू में बताया कि कंपनी ने फिलहाल 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दिए हैं और आगे की हायरिंग बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी के डिलीवरी मॉडल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। उनके अनुसार, फ्रेशर को पूरी तरह तैयार होने में लगभग 9 महीने का प्रशिक्षण लगता है, जबकि लेटरल हायर तुरंत काम शुरू कर सकते हैं। इसलिए किस तरह की भर्ती करनी है, यह पूरी तरह बिजनेस की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

कंपनी के सीईओ ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से हर वित्त वर्ष में 40,000 या उससे अधिक फ्रेशर्स की भर्ती लगातार की जा रही है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

हाल ही में FY26 के दौरान हुए लगभग 12,000 कर्मचारियों के रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनी पर पूछे गए सवाल पर सीईओ ने सीधे तौर पर किसी नई छंटनी की संभावना पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि कंपनी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए लंबे और बेहतर करियर के अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने यह भी साफ किया कि पिछले साल हुई छंटनी का कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नहीं था। उनके अनुसार अब प्रोजेक्ट्स के काम करने के तरीके बदल रहे हैं और इसी वजह से कई जगहों पर सीनियर लेवल की भूमिका पहले जैसी जरूरी नहीं रह गई है, जिससे संगठन की संरचना में बदलाव किया गया।

निवेशकों की चिंता और कंपनी के शेयर प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य को ध्यान में रखकर लगातार निवेश कर रही है और इसका फायदा आगे चलकर ग्रोथ के रूप में दिखाई देगा।

बिजनेस माहौल पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में प्रोजेक्ट पाइपलाइन स्थिर है और यह स्थिरता भी सकारात्मक संकेत है। साथ ही उन्होंने कहा कि डिमांड साइड पर धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है, खासकर डिस्क्रिशनरी और ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स में।

कंपनी ने FY26 में नए सौदों के तहत करीब 40 अरब डॉलर की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू दर्ज की है। इसके साथ ही इन नए सौदों को रेवेन्यू में बदलने की रफ्तार भी पहले की तुलना में बेहतर हुई है, हालांकि कंपनी ने इसके विस्तृत आंकड़े साझा नहीं किए हैं।

Tata Consultancy Services में ग्राहकों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के सीईओ K Krithivasan ने बताया कि अब ग्राहक सिर्फ बड़े या मेगा डील्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने प्रोजेक्ट्स में पहले से ज्यादा काम खुद भी जोड़ रहे हैं। इसका असर यह हो रहा है कि कई ग्राहक धीरे-धीरे कंपनी के लिए ज्यादा राजस्व वाले वर्ग में शामिल होते जा रहे हैं।

निवेश के मोर्चे पर भी कंपनी लगातार विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। Krithivasan के अनुसार, कंपनी ऐसे अधिग्रहण (acquisitions) की तलाश में है जो उसकी क्षमताओं को और मजबूत कर सकें। इसके साथ ही साझेदारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें हाल ही में Advanced Micro Devices के साथ की गई साझेदारी भी शामिल है। इसके अलावा, कंपनी अपने कर्मचारियों पर भी लगातार निवेश कर रही है ताकि कामकाज और क्षमता दोनों को बेहतर बनाया जा सके।

वहीं, कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी Samir Seksaria ने कहा कि मुनाफे के मार्जिन को बढ़ाने के लिए कंपनी आगे भी कई तरीकों पर काम करती रहेगी। इसमें संसाधनों के बेहतर उपयोग (utilisation) जैसे उपाय शामिल हैं, जिनसे पिछले वित्त वर्ष में भी अच्छा फायदा मिला था।

-पीटीआई इनपुट

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First Published - April 12, 2026 | 1:27 PM IST

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