ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने कहा है कि वह भारत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका यह बयान तब आया है जब आईफोन और आईपैड बनाने वाली कंपनी ने देश में लगातार एक और तिमाही में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है। भारत कंपनी के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है।
भारत में अपने छह स्टोर खोल चुकी कंपनी ने अमेरिका, लैटिन अमेरिका, ग्रेटर चीन, जापान और पश्चिमी यूरोप जैसे अधिकांश बाजारों में भी इसी प्रकार की दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के प्रमुख उत्पाद आईफोन की दूसरी तिमाही में 57 अरब डॉलर की बिक्री हुई है। कुक ने विश्लेषकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा, ‘अगर आप देखें तो आईफोन से लेकर मैकबुक, आईपैड और ऐपल वॉच तक खरीदने वाले अधिकांश ग्राहक नए हैं। इससे बखूबी यह पता चलता है कि हमारा आधार लगातार बढ़ रहा है। मैं भारत को लेकर बहुत अधिक उत्साहित हूं।’
भारत ऐपल का एक महत्त्वपूर्ण विनिर्माण और निर्यात केंद्र बनकर उभरा है। वाणिज्य विभाग और विक्रेताओं द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कुल आईफोन निर्यात लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो चार साल पहले मात्र 9,351 करोड़ रुपये था।
इसके साथ, आईफोन भारत का सबसे बड़ा एकल ब्रांडेड निर्यात बनकर उभरा है, जो हार्मोनाइज्ड सिस्टम (एचएस) कोड ढांचे के तहत वर्गीकृत सभी प्रमुख निर्यात श्रेणियों में अग्रणी है। यह ढांचा वैश्विक व्यापार में उपयोग किए जाने वाले 5,000 से अधिक उत्पाद समूहों को कवर करता है।
कुक भारत के समृद्ध और उभरते मध्यम वर्ग पर भरोसा कर रहे हैं, ताकि बिक्री को और बढ़ावा दिया जा सके। यहां कंपनी प्रीमियम श्रेणी में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है। हम कुछ समय से इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार और तीसरा सबसे बड़ा पर्सनल कंप्यूटर बाजार है। लंबे समय से बेहद अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद इस बाजार में हमारी हिस्सेदारी अभी भी मामूली है। इसलिए मुझे लगता है कि यहां विस्तार के लिए हमारे पास बड़ा अवसर मौजूद है और हमें इसका लाभ उठाना चाहिए।
देश में बहुत बड़ा तबका मध्य वर्ग में प्रवेश कर रहा है। हमारे पास वर्तमान और आने वाले समय में भी, इस वर्ग को लुभाने के लिए कुछ बेहतरीन उत्पाद हैं।’
इसके बावजूद, चुनौतियां बरकरार हैं। भारत के 22 करोड़ से अधिक फीचर फोन उपयोगकर्ता किफायती स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, लेकिन वे फंसे हुए हैं, क्योंकि मेमोरी चिप्स की कमी के कारण हाल के दिनों में ऐसे फोन महंगे हुए हैं।