आभूषण क्षेत्र की बड़ी कंपनियों- टाइटन कंपनी और कल्याण ज्वैलर्स- ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। ज्वैलरी सेगमेंट की बदौलत टाइटन ने इस तिमाही में अपने संयुक्त राजस्व में सालाना आधार पर 81 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। ज्वैलरी सेगमेंट से टाइटन की कुल कमाई और परिचालन मुनाफे का करीब 90 फीसदी हिस्सा आता है।
इस सेगमेंट में बुलियन और डिजिटल गोल्ड की बिक्री को मिलाकर 89 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। इस तिमाही में बुलियन और डिजिटल गोल्ड की बिक्री में सालाना आधार पर छह गुना की उछाल आई। इसने कुल बिक्री में करीब चौथाई का योगदान दिया।
कल्याण ज्वैलर्स ने सालाना आधार पर संयुक्त राजस्व में 66 फीसदी की बढ़त दर्ज की। इसमें भारतीय कारोबार का अहम योगदान रहा, जिसने 68 फीसदी की सालाना वृद्धि के साथ उद्योग में सबसे अधिक बढ़त हासिल की। कंपनी ने कल्याण और कैंडरे स्टोर्स में नए स्टोर जोड़े और मौजूदा स्टोर्स की बिक्री में 47 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में ग्राहक मांग की गति मजबूत बनी रही, जिसका मुख्य कारण त्योहारों और शादियों के सीजन की बढ़ी हुई मांग थी। अक्षय तृतीया के दौरान बिक्री जबरदस्त रही। मौजूदा तिमाही में भी कंपनी को मांग में उत्साहजनक रुझान देखने को मिल रहे हैं।
भले ही टाइटन की राजस्व वृद्धि मजबूत रही, लेकिन कंपनी का मार्जिन (चाहे वह सकल मुनाफे के स्तर पर हो या परिचालन लाभ के स्तर पर) दबाव में रहा। जहां ब्रोकरेज फर्म कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं, वहीं आगे चलकर मार्जिन बनाए रखने और उसे बेहतर करने की क्षमता ही मुख्य कारक होगी। मौजूदा कीमत पर यह शेयर, जिसमें अप्रैल की शुरुआत से अब तक करीब 14 फीसदी की बढ़त हुई है, वित्त वर्ष 27 की कमाई के अनुमानों के 60 गुना पर कारोबार कर रहा है। कल्याण में भी अप्रैल से अब तक लगभग इतनी ही बढ़त हुई है और यह वित्त वर्ष 27 के अनुमानों के 25 गुना पर कारोबार कर रहा है।
टाइटन ने बताया कि घरेलू बाजार में ज्वैलरी की सेकंडरी बिक्री में सालाना आधार पर 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद इस श्रेणी में ग्राहकों की व्यापक दिलचस्पी की वजह से हुई है। खरीदारों की संख्या में मजबूत बढ़ोतरी (8 फीसदी) के अलावा औसत खरीद मूल्य में भी सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सोने की कीमतें ज्यादा होने के कारण पुरानी ज्वैलरी बदलकर नई खरीदने की मांग काफी ज्यादा रही। चौथी तिमाही में इस मांग में दो अंकों की बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे ज्यादा कीमत वाली ग्राहक खरीद को बढ़ावा मिला।
सोने के सिक्कों में भी खरीदारों की दिलचस्पी दिखी। लगातार दूसरी तिमाही में सिक्कों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के मुकाबले इनकी कीमत लगभग तीन गुना हो गई। हालांकि यह अच्छी बात है और इससे कुल बिक्री को बढ़ावा मिलता है, लेकिन बुलियन की बिक्री का बढ़ता हिस्सा कुल बिक्री के मिश्रण को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और मुनाफे पर दबाव डालता है। घरेलू बाज़ार में ज्यादा मुनाफे वाले जड़ाऊ आभूषणों, जिसमें कैरटलेन भी शामिल है, का हिस्सा 31 फीसदी रहा। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह हिस्सा 34 फीसदी था।
भले ही इस तिमाही में घरेलू कारोबार के ज्वैलरी सेगमेंट के मुनाफे में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, लेकिन सोने के सिक्कों की ज्यादा हिस्सेदारी और विपणन पर ज्यादा खर्च की वजह से इस तिमाही में ज्वैलरी सेगमेंट का मार्जिन 42 आधार अंक गिरकर 11.1 फीसदी रह गया। हालांकि कैरटलेन का सेगमेंट मार्जिन 130 आधार अंक बढ़कर 8.3 फीसदी हो गया, लेकिन राजस्व में कम बढ़ोतरी और कैंपेन में लगातार निवेश की वजह से यह उम्मीद से कम रहा।
कंपनी ने बताया कि अगर सोने की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो ज्वैलरी सेगमेंट के मार्जिन को मौजूदा स्तर (11-11.5 फीसदी) पर बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि इससे प्रोडक्ट मिक्स पर असर पड़ता है। हालांकि, कंपनी आगे भी सेगमेंट के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी बरकरार रखने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने इस शेयर को खरीद की रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 5,300 रुपये रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि ज्वैलरी सेगमेंट में बड़ी कंपनियों की वृद्धि जारी रहेगी और टाइटन अपने ‘एक्सचेंज प्रोग्राम’ जैसी पहलों के दम पर प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी।
हालांकि चौथी तिमाही का मुनाफा अंतरराष्ट्रीय कारोबार में हुए नुकसान और कैरटलेन में ज्यादा खर्च की वजह से प्रभावित हुआ। लेकिन ब्रोकरेज के नवीन त्रिवेदी की अगुआई वाले विश्लेषकों को उम्मीद है कि घरेलू मांग में मजबूत तेजी बनी रहेगी। उद्योग के औपचारिक होने के अलावा सोने की कीमतों में स्थिरता कंपनी के लिए मार्जिन की स्थिति को और बेहतर बना सकती है। मॉर्गन स्टैनली रिसर्च ने इसे ओवरवेट रेटिंग दी है।
हालांकि उम्मीद से ज्यादा नए ग्राहक जोड़ना और बाजार हिस्सेदारी में बढ़त कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव निकट भविष्य में आभूषणों की मांग को नुकसान पहुंचा सकता है।