facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

दोपहिया कंपनियां कर रहीं हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नट का परीक्षण, चीन की पाबंदी बनी चुनौती

Advertisement

कई दोपहिया कंपनियों को उम्मीद है कि वे अगले तीन से चार महीने में हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नेट से चलने वाले अपने वाहन बाजार में पेश कर देंगी।

Last Updated- June 12, 2025 | 10:38 PM IST
EV two wheeler

देश में प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों ने अपने मौजूदा मॉडलों पर हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नेट का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, ताकि 1 अप्रैल से चीनी निर्यात नियंत्रण आदेश के कारण अटकने वाली वाली आपूर्ति की कमी से उबरा जा सके। चीन के इस कदम से वाहनों का उत्पादन बंद हो सकता है। वर्तमान में ये कंपनियां अपने वाहनों में मध्य और भारी दुर्लभ खनिज मैग्नेट का उपयोग करती हैं, जिन्हें वे चीन से आयात करती थीं।

इनमें से कई दोपहिया कंपनियों को उम्मीद है कि वे अगले तीन से चार महीने में हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नेट से चलने वाले अपने वाहन बाजार में पेश कर देंगी। हल्के दुर्लभ खनिजों का परमाणु भार कम होता है और ये भारी दुर्लभ खनिजों की तुलना में दुनिया भर में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भारी दुर्लभ खनिजों का परमाणु भार अधिक होता है और ये कम स्थानों पर सीमित मात्रा में पाए जाते हैं।

चीन के निर्यात आदेश ने सात मध्य और भारी खनिज सामग्रियों – सेमैरियम, गैडोलिनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और येट्रियम (जिनमें से कुछ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों में किया जाता है) को नियंत्रण सूची में डाल दिया है। चीन को डर है कि इन तत्वों का उपभोग ‘दोहरे उपयोग’ के लिए किया जा रहा है। लेकिन हल्की दुर्लभ खनिज सामग्री निर्यात आदेश का हिस्सा नहीं हैं और उनमें नियोडिमियम जैसे तत्व भी शामिल हैं, जिनका उपयोग आम तौर पर वाहनों में किया जाता है।

एक प्रमुख दोपहिया कंपनी के शीर्ष अ​धिकारी ने कहा, ‘हम पहले से ही अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर एसकेयू (स्टॉक कीपिंग यूनिट) पर हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नेट के साथ प्रयोग कर रहे हैं और हमने दूरी, गति, बैटरी लाइफ तथा राइड क्षमता के मामले में मॉडलों की दक्षता पर कोई असर नहीं देखा है। हमें उम्मीद है कि सरकार अगले तीन से चार महीने में नए मैग्नेट से संचालित मोटरों को नियामकीय मंजूरी देने में सक्षम होगी। चूंकि हमारे पास जुलाई तक स्टॉक है, इसलिए अधिक से अधिक एक से दो महीने के लिए व्यवधान हो सकता है।’

कंपनी के अधिकारियों का यह भी कहना है कि परीक्षण के लिए चीनी कंपनियों ने पहले ही भारतीय कंपनियों को भेजे गए मोटर सब-असेंबली पर अपने हल्के दुर्लभ ​खनिज आधारित मैग्नेट लगा दिए हैं और उन्हें वापस भारत निर्यात कर दिया है। कुछ कंपनियों ने आयातकों के जरिये अपने चीनी विक्रेताओं को इन हल्के दुर्लभ खनिज मैग्नेट का बड़ी मात्रा में ऑर्डर दिया है। लेकिन वे सीमा शुल्क विभाग की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। इसमें कुछ समय लग सकता है क्योंकि चीनी सरकार के नियमों के अनुसार इन्हें मंजूरी से पहले यह सुनिश्चित करना है कि इन खेपों में किसी भी भारी दुर्लभ खनिज का कोई अंश न हो।

एक दोपहिया कंपनी के वरिष्ठ अ​धिकारी स्वीकार करते हैं कि मुख्य समस्या यह है कि कोई नहीं जानता कि वे ऐसे आयात को कब मंजूरी देंगे।

Advertisement
First Published - June 12, 2025 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement