भारत में कैब सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म यात्रियों का भरोसा जीतने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में उबर ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। कंपनी पहले से ही खतरे को भांपने पर ध्यान दे रही है।
उबर की ‘उबर फॉर टींस’ सेवा के तहत किशोर अपने माता-पिता की निगरानी में कोई कैब राइड बुक कर सकते हैं और साथ ही ड्राइवरों नियमों की पालना करें, इसके लिए भी टूल लाया गया है। भारत और दक्षिण एशिया में उबर के सुरक्षा परिचालन प्रमुख सूरज नायर ने बताया कि कंपनी किसी घटना के बाद कदम उठाने से पहले ही अनुमान के आधार पर सुरक्षा के कदम उठाने की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा कंपनी राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क बढ़ा रही है और यह जायजा भी ले रही है कि सुरक्षा पर निवेश से वास्तव में कोई फायदा होता है या नहीं।
उबर देश के करीब 125 से ज्यादा शहरों में है, जहां ट्रैफिक, सड़क की स्थिति और स्मार्टफोन इस्तेमाल से जुड़ी क्षमता में काफी विविधता है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एआई संचालित सुरक्षा टूल्स पर जोर देना शुरू किया है जो किसी घटना पर कदम ही नहीं उठाते बल्कि उसे पहले से ही भांपने की कोशिश करते हैं।
इसका एक प्रमुख उदाहरण राइडचेक फीचर है, जो सफर के दौरान असामान्य गतिविधियों को पकड़ता है जैसे तय मार्ग से अलग दिशा में गाड़ी का जाना, लंबे समय तक रुकना या यात्रा का अचानक खत्म हो जाना आदि। नायर ने कहा, ‘भारत जैसे देश में, जहां ट्रैफिक जाम होने के साथ ही छोटे-छोटे रास्ते बदलना आम है, ऐसे में हमारे तंत्र को इस तरह प्रशिक्षित किया गया है कि वह सामान्य व्यवहार और असली खतरे में फर्क कर सके।’