facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

किशोरों के लिए उबर की नई सेवा, अब माता-पिता रख सकेंगे यात्रा पर नजर

Advertisement

उबर ने 'उबर फॉर टीन्स' सेवा लॉन्च की, जिससे 13-17 वर्ष के किशोर सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।

Last Updated- April 02, 2025 | 11:05 PM IST
Uber

टैक्सी सेवाएं देने वाली फर्म उबर ने बुधवार को ‘उबर फॉर टीन्स’ नाम से नई सेवा शुरू की है। इसमें 13 से 17 वर्ष की आयु के किशोर सुरक्षित तरीके से यात्रा कर सकेंगे। इसके तहत माता-पिता टींस अकाउंट खोलकर अपने बच्चे की यात्रा की निगरानी कर सकते हैं। उनकी ओर से टैक्सी बुक कर सकते हैं। यही नहीं, वे यात्रा का संक्षिप्त ब्योरा भी हासिल कर सकते हैं।

उबर की ओर से यह नई सेवा दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, बैंगलोर, पुणे और चेन्नई समेत देश के 37 शहरों में शुरू की गई है। इसमें जीपीएस ट्रैकिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग और इन-ऐप इमरजेंसी बटन सहित कई खास सुविधाएं हैं, जिससे माता-पिता बेफिक्र होकर अपने बच्चे को उबर कार से कहीं भी भेज सकते हैं।

उबर के अध्यक्ष (भारत और दक्षिण एशिया) प्रभजीत सिंह ने कहा, ‘हम यहां उन चुनौतियों से वाकिफ हैं, जिनका सामना किशोरों और उनके परिवारों को यात्रा के दौरान करना पड़ता है। उबर की टीन्स सेवा के माध्यम से हम इनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ऐसी सेवा है जिस पर माता-पिता पूरा भरोसा कर सकते हैं और किशोर अपनी यात्रा को आसान और कूल बना पाएंगे।’

उबर द्वारा किए गए एक उपभोक्ता सर्वेक्षण में केवल किशोरों के लिए यात्रा सेवा की जरूरत सामने आई थी। इस सर्वेक्षण में शामिल 92 प्रतिशत माता-पिता ने कहा था कि उन्होंने ऐसी स्थितियों का सामना किया है जहां विश्वसनीय परिवहन की कमी के कारण उनके किशोर यात्रा करने में असमर्थ थे। इसके अलावा 72 प्रतिशत माता-पिता ऐसे थे जिन्होंने यात्रा के दौरान अपने बच्चे (किशोर) की सुरक्षा को सबसे बड़ी चिंता बताया।

Advertisement
First Published - April 2, 2025 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement