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खुद को गैर-कार्यकारी व रणनीतिक शेयरधारक के रूप में देख रहे Uday Kotak

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आरबीआई के नियम के तहत किसी बैंक में प्रवर्तकों की अधिकतम 26 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है। कोटक 2004 में स्थापना के समय से ही बैंक की अगुआई कर रहे हैं।

Last Updated- July 16, 2023 | 10:21 PM IST

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी उदय कोटक (Kotak Mahindra CEO) ने कहा है कि आने वाले दिनों वह खुद को गैर-कार्यकारी बोर्ड सदस्य व रणनीतिक शेयरधारक की भूमिका में देखते हैं। बैंक की 2022-23 की सालाना रिपोर्ट में ये बातें कही गई है।

31 दिसंबर, 2023 को समाप्त हो रहा है कार्यकाल

कोटक महिंद्रा बैंक में एमडी व सीईओ के तौर पर कोटक का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर, 2023 को समाप्त हो रहा है। बैंक की सालाना रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आने वाले समय में मैं अपनी भूमिका गैर-कार्यकारी बोर्ड गवर्नेंस मेंबर और रणनीतिक शेयरधारक के तौर पर देखते हैं, जिसके साथ वैश्विक स्तर के संस्थान को प्रोत्साहित करने का लंबी अवधि का नजरिया होगा।

21 अप्रैल, 2023 को बैंक ने एक्सचेंजों को गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक के तौर पर कोटक की नियुक्ति वाले प्रस्ताव के बारे में सूचित किया, जो एमडी व सीईओ के उनका कार्यकाल खत्म करने के बाद होगा।

अप्रैल 2021 में आरबीआई (RBI) ने बैंक के एमडी व सीईओ के कार्यकाल की सीमा 12 साल तय करने का फैसला लिया, जो बैंक के प्रवर्तक या बहुलांश शेयरधारक भी हों। असाधारण परिस्थिति में कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

कोटक ने कहा, आज की बैंकिंग दुनिया में यह असामान्य है कि किसी व्यक्ति के पास 26 फीसदी हिस्सेदारी है और एक ही स्टॉक में परिवार की बहुत ज्यादा परिसंपत्तियां हैं और जो भारत के स्वाभिमान के सपने के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ा है।

आरबीआई के नियम के तहत किसी बैंक में प्रवर्तकों की अधिकतम 26 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है। कोटक 2004 में स्थापना के समय से ही बैंक की अगुआई कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर : बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक समूह के नियंत्रण वाली इकाइयों की बहुलांश हिस्सेदारी है)

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First Published - July 16, 2023 | 10:21 PM IST

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