facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पोर्ट टैलबोट के लिए ब्रिटिश सरकार ने कम पैकेज की पेशकश की: Tata Steel

Advertisement

टाटा समूह की कंपनी टाटा स्टील यूके ने ब्रिटिश सरकार से मांग की थी कि उसे संयंत्र को कार्बन-मुक्त करने के लिए पैकेज दिया जाए

Last Updated- February 08, 2023 | 4:08 PM IST
मुनाफे में लौटी टाटा स्टील मगर आय कम, Tata Steel returns to profit in Q3, posts PAT of Rs 513 cr, revenue dips 3%

ब्रिटेन की सरकार ने इस्पात कंपनी Tata Steel के Port Talbot स्थित प्लांट को कार्बन-मुक्त करने के लिए मांगे गए फाइनैंशियल पैकेज पर अपनी तरफ से एक अलग पैकेज की पेशकश की है।

टाटा स्टील के वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) टी वी नरेंद्रन ने कहा कि ब्रिटिश सरकार की यह पेशकश कंपनी की तरफ से मांगे गए पैकेज की तुलना में काफी कम है। हालांकि, उन्होंने इस जवाबी पेशकश का कोई ब्योरा नहीं दिया।

टाटा स्टील के पास ब्रिटेन के सबसे बड़े इस्पात संयंत्र का स्वामित्व है। यह प्लांट साउथ वेल्स के पोर्ट टैलबोट में स्थित है। देशभर में कंपनी के साथ करीब 8,000 कर्मचारी जुड़े हुए हैं।

टाटा समूह की कंपनी टाटा स्टील यूके ने ब्रिटिश सरकार से मांग की थी कि उसे संयंत्र को कार्बन-मुक्त करने के लिए पैकेज दिया जाए। नरेंद्रन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि ब्रिटिश सरकार ने इस बारे में एक जवाबी पैकेज की पेशकश की है लेकिन वह मांगी गई राशि से कम है। ऐसी स्थिति में कंपनी को अपने ब्रिटिश कारोबार को कार्बन-मुक्त करने की योजना पर नए सिरे से सोचना होगा।

उन्होंने कहा कि अब कंपनी नई इकाइयों को लगाने और बंद की जाने वाली इकाइयों पर पुनर्विचार करेगी। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि ब्रिटिश सरकार की आर्थिक मदद के बगैर टाटा स्टील ब्रिटेन में अपने कारोबार का कोई भविष्य नहीं देख पा रही है। ब्रिटिश कारोबार के ठीक से नहीं चल पाने से समूची कंपनी के बही-खाते पर असर पड़ रहा है।

Advertisement
First Published - February 8, 2023 | 4:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement