आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 20.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। मजबूत बिक्री की मदद से कंपनी का मुनाफा बढ़कर 2,982.8 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी की मार्च तिमाही की कुल बिक्री 4.471 करोड़ टन रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत ज्यादा है। इसकी मुख्य वजह हाउसिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और वाणिज्यिक निर्माण क्षेत्र में बढ़ी हुई मांग रही। लेकिन बिक्री से होने वाली आय में मामूली बढ़ोतरी हुई। यह वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के 5,032 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 5,034 करोड़ रुपये हो गई। परिचालन मार्जिन बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले 2 प्रतिशत ज्यादा है।
अल्ट्राटेक का लाभ ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के 2,818 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक रहा। परिचालन आय सालाना आधार पर 11.9 प्रतिशत बढ़कर 25,799.5 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन यह आय ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के 25,928 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रही।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अखिल भारतीय औसत कीमतों (जीएसटी संशोधनों के हिसाब से समायोजित) में तिमाही आधार पर लगभग 1.5 प्रतिशत और एक साल पहले की तुलना में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। यह वृद्धि मुख्य रूप से गैर-व्यापार क्षेत्र में हुए सुधारों (विशेष रूप से दक्षिणी बाजारों में) के कारण हुई है।
खाद्य एवं पेय कंपनी पेप्सीको की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी बॉटलर वरुण बेवरिजेज लिमिटेड (वीबीएल) का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 20.14 प्रतिशत बढ़कर 878.71 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दो अंक की मात्रात्म वृद्धि से समर्थित रही। कैलेंडर वर्ष को अपना वित्त वर्ष मानने वाली कंपनी ने जनवरी-मार्च 2025 में 731.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय सालाना आधार पर 18.33 प्रतिशत बढ़कर 6,721.53 करोड़ रुपये हो गई।
इस तिमाही के दौरान बिक्री मात्रा 16.3 प्रतिशत बढ़कर 36.34 करोड़ केस हो गई जो 2025 की इसी तिमाही में 31.24 करोड़ केस थी। जनवरी-मार्च तिमाही में कुल खर्च 18.35 प्रतिशत बढ़कर 5,597.92 करोड़ रुपये हो गया। अन्य आय सहित कुल एकीकृत आय 18.5 प्रतिशत बढ़कर 6,765.06 करोड़ रुपये रही।
कंपनी के चेयरमैन रवि जयपुरिया ने कहा कि साल 2026 की पहली तिमाही में ‘मजबूत प्रदर्शन स्वस्थ मांग, अनुशासित निष्पादन और विभिन्न बाजारों में निरंतर प्रगति’ से समर्थित रहा। इसके अलावा, वीबीएल ने बेवको के जरिये क्रिकली डेयरी के अधिग्रहण के लिए भी समझौता किया है जो नियामकीय मंजूरियों के अधीन है। इसके पूरा होने पर दक्षिण अफ्रीका में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी।
निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 384.48 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 298.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। निप्पॉन लाइफ इंडिया ने सोमवार को शेयर बाजार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के इस वित्तीय नतीजे की सूचना दी।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 705.20 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 589.58 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 की पूरी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,529.38 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे एक साल पहले 1,286.39 करोड़ रुपये था। इस दौरान कुल आय बढ़कर 2,933 करोड़ रुपये रही, जो 2024-25 में 2,521 करोड़ रुपये थी।