भारत की कंपनी Vedanta Limited अगले महीने अपनी पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित होने जा रही है। यह जानकारी Financial Times की एक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें कंपनी के चेयरमैन Anil Agarwal का हवाला दिया गया है। यह कदम कंपनी के वर्षों से चल रहे पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कर्ज को कम करना है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस विभाजन को दिसंबर में एक ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल चुकी है। डिमर्जर के बाद कंपनी का मुख्य ढांचा Vedanta Limited के नाम से जारी रहेगा, जिसमें बेस मेटल्स का कारोबार शामिल होगा। इसके अलावा चार अन्य अलग कंपनियां बनाई जाएंगी, जिनमें Vedanta Aluminium, Talwandi Sabo Power, Vedanta Steel and Iron और Malco Energy शामिल हैं।
अनिल अग्रवाल के अनुसार, इन पांचों कंपनियों का कुल बाजार मूल्य मौजूदा करीब 27 अरब डॉलर के मूल्यांकन से काफी अधिक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके नियंत्रण वाली एक निजी होल्डिंग कंपनी इन नई कंपनियों में लगभग आधी हिस्सेदारी बनाए रखेगी।
यह योजना पहली बार 2023 में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उस समय सरकार ने इसे लेकर चिंता जताई थी कि इससे कंपनी पर बकाया वसूली प्रभावित हो सकती है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय गोयल ने जनवरी में कहा था कि डिमर्जर के तहत बनने वाली चार नई कंपनियों को भारतीय शेयर बाजार में मई के मध्य तक लिस्ट करने की योजना है।