facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Tata Trust: वेणु श्रीनिवासन आजीवन ट्रस्टी बने, मेहली मिस्त्री पर नजर

Advertisement

श्रीनिवासन का कार्यकाल 23 अक्टूबर को खत्म होने वाला था, जिससे पहले इस सप्ताह उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई

Last Updated- October 21, 2025 | 3:39 PM IST
Tata Group
Representational Image

टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से वेणु श्रीनिवासन को आजीवन ट्रस्टी (न्यासी) के रूप में फिर से नियुक्त किया है। संगठन के भीतर कथित आंतरिक मतभेदों के बीच अब सभी की निगाहें मेहली मिस्त्री की वापसी के संबंध में होने वाले फैसले पर टिकी हैं। श्रीनिवासन का कार्यकाल 23 अक्टूबर को खत्म होने वाला था, जिससे पहले इस सप्ताह उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई। यह फैसला टाटा ट्रस्ट के भीतर विभाजन की खबरों के बीच हुआ, जहां एक गुट नोएल टाटा के साथ जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

28 अक्टूबर को खत्म हो रहा मिस्त्री का कार्यकाल 

नोएल ने रतन टाटा के निधन के बाद चेयरमैन का पद संभाला था। दूसरा गुट पूर्व दिग्गज के वफादारों का है। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि टीवीएस समूह के मानद चेयरमैन श्रीनिवासन की फिर से नियुक्ति सर्वसम्मति से हुई है। टाटा ट्रस्ट ने इस खबर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अब ध्यान मिस्त्री की पुनर्नियुक्ति पर है, जिनका कार्यकाल 28 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। इस बात पर राय बंटी हुई है कि क्या उनका कार्यकाल अपने आप आगे बढ़ जाएगा या आजीवन कार्यकाल के लिए न्यासियों की सर्वसम्मति से मंजूरी लेनी होगी।

टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है – जो 156 साल पुराने टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है। इसमें 30 सूचीबद्ध इकाइयों सहित लगभग 400 कंपनियां शामिल हैं।

नई नियु​क्ति सर्वसम्मति से होनी आवश्यक

एक सूत्र ने कहा, ‘‘पिछली प्रथा के अनुसार नवीनीकरण और नई नियुक्ति सर्वसम्मति से होनी आवश्यक है।’’ हालांकि, एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘‘पुनर्नियुक्ति अपने आप होती है और यह सभी ट्रस्टियों पर लागू होती है।’’ सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के न्यासियों की 17 अक्टूबर, 2024 को हुई संयुक्त बैठक का हवाला देते हुए, उस व्यक्ति ने कहा कि यह संकल्प लिया गया था कि किसी भी ट्रस्टी का कार्यकाल खत्म होने पर, संबंधित ट्रस्ट द्वारा उसे बिना किसी कार्यकाल अवधि की सीमा के पुनर्नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा 17 अक्टूबर, 2024 के प्रस्ताव के अनुसार, सभी न्यासियों की नियुक्ति दीर्घकालिक और आजीवन आधार पर की जाएगी और 75 वर्ष की आयु होने पर ट्रस्टीशिप पर पुनर्विचार किया जाएगा।

Advertisement
First Published - October 21, 2025 | 3:39 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement