facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Yes Bank-DHFL Scam: CBI की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को किया खारिज

Advertisement

कोर्ट ने जमानत याचिका को 23 जून को खारिज कर दिया था, लेकिन इसका विस्तृत ऑर्डर मंगलवार को जारी किया गया है।

Last Updated- June 28, 2023 | 1:54 PM IST

Yes Bank-DHFL Scam: सीबीआई की विशेष अदालत ने प्राइवेट बैंक Yes Bank और देवन हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (DHFL) के घोटाले मामले में सख्त बड़ा एक्शन लिया है। कोर्ट ने पुणे के बिल्डर अविनाश भोसले की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि इस घोटाले मामले में देश के साथ धोखा और आपराधिक षड्यंत्र हुआ है।

कोर्ट ने बिल्डर अविनाश भोसले को बड़ा भागीदार बताते हुए उसकी जमानत खारिज कर दी। बता दें कि कोर्ट ने जमानत याचिका को 23 जून को खारिज कर दिया था, लेकिन इसका विस्तृत ऑर्डर मंगलवार को जारी किया गया है।

सीबीआई के मुताबिक, इस घोटाले में पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राणा कपूर की अगुवाई में Yes Bank ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) को 3983 करोड़ रुपये का लोन दिया था। आरोप है कि इस रकम में से डीएचएफएल ने 2420 करोड़ रुपये सह-आरोपी संजय छाबड़िया के रेडियस ग्रुप की तीन कंपनियों को लोन के रूप में दिए थे।

CBI की जांच में पता चला कि DHFL से लोन लेने के लिए अविनाश को रेडियस ग्रुप से कंसल्टेंसी सर्विसेज पेमेंट्स के रूप में 350 करोड़ रुपये मिले थे।

बताते चलें कि इस मामले के मुख्य आरोपी राणा कपूर मार्च 2020 से जेल में बंद हैं। वहीं पुणे के अविनाश भोसले इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ग्रुप के फाउंडर अविनाश को भी मई 2022 में हिरासत में लिया गया था और उसने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।

कोर्ट का फैसला-

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में कहा कि बैंक का पैसा मुख्य रूप से देश की दौलत है, जिसे इन अपराधियों द्वारा हड़प लिया गया। इस मामले में देश के साथ धोखाधड़ी के साथ आपराधिक षड्यंत्र हुआ है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अविनाश को जमानत देना सुरक्षित नहीं है क्योंकि वह सबूतों के साथ छेड़खानी कर सकते हैं साथ ही मुकदमे में बाधा डाल सकते हैं।

Advertisement
First Published - June 28, 2023 | 1:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement