प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक YES Bank ने शनिवार, 18 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। बैंक के लिए यह तिमाही काफी मजबूत रही, क्योंकि इसके मुनाफे (Net Profit) में सालाना आधार पर 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में उसका स्टैंडअलोन मुनाफा 1,068 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 739 करोड़ रुपये था।
बैंक की इस अच्छी परफॉर्मेंस के पीछे लोन ग्रोथ में तेजी और एसेट क्वालिटी में सुधार को बड़ी वजह माना जा रहा है। हालांकि कुल आय में ज्यादा बड़ा उछाल नहीं दिखा और यह पिछले साल के 9,356 करोड़ रुपये से बढ़कर 9,381 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, नतीजों से पहले शेयर बाजार में भी YES Bank को लेकर भरोसा नजर आया और 17 अप्रैल को इसके शेयर 2.3 प्रतिशत चढ़कर 20.4 रुपये पर बंद हुए।
Also Read: तगड़ी कमाई के लिए तैयार रहें निवेशक, अगले हफ्ते ये कंपनियां देने जा रही हैं शानदार डिविडेंड
YES Bank के कामकाज में सबसे बड़ा सुधार इसके लोन वितरण (Advances) में दिखा है। बैंक के लोन पोर्टफोलियो में सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही की 5.2 प्रतिशत ग्रोथ के मुकाबले काफी बेहतर है। इस बढ़त में कॉरपोरेट सेक्टर को दिए गए कर्ज का बड़ा योगदान रहा। वहीं, बैंक की जमा राशि (Deposits) में भी 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) की बात करें, तो यह 7,616 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,650 करोड़ रुपये हो गई है।
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी इस बार साफ सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस एनपीए (GNPA), जो पिछली तिमाही में 1.5 प्रतिशत था, अब घटकर 1.3 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं, खराब हो सकने वाले कर्जों के लिए अलग रखी जाने वाली रकम में 41 प्रतिशत की कमी आई है और यह अब 187 करोड़ रुपये रह गई है।
बैंक के MD और CEO विनय एम. टोंस ने कहा कि बैंक ने वित्त वर्ष 2026 का अंत काफी मजबूत स्थिति में किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) का बैंक में सबसे बड़ा शेयरधारक बनना यह दिखाता है कि दुनिया भर के बड़े निवेशकों को बैंक के भविष्य पर भरोसा है। इसके साथ उन्होंने कहा कि बैंक ने 341 करोड़ रुपये अलग रखे हैं, ताकि आगे किसी भी संभावित नुकसान से बचाव किया जा सके और एसेट क्वालिटी मजबूत बनी रहे।