facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Binance समेत 8 क्रिप्टो एक्सचेंज को भारत सरकार से मिला नोटिस, ब्लॉक हो सकते हैं URL!

वित्त मंत्रालय ने कहा कि 9 क्रिप्टो एक्सचेंज को फाइनेंशियल इंटेली जेंस यूनिट-इंडिया के साथ पंजीकृत होना होगा और (PMLA), 2002 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

Last Updated- December 29, 2023 | 10:00 AM IST
Year Ender: Crypto journey in the year 2024, popularity of Bitcoin and Altcoin among Indians साल 2024 में क्रिप्टो का सफर, भारतीयों में रही बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन की लोकप्रियता
Representative Image

भारतीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने क्रिप्टो एक्सचेंज ऑपरेटर Binance सहित नौ ऑफशोर वर्चुअल डिजिटल एसेट्स सर्विस प्रोवाइडर्स को शो कॉज नोटिस भेजा है। इसके अलावा, IT मिनिस्ट्री से कहा है कि स्थानीय मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों का पालन किए बिना देश में अवैध रूप से संचालन करने के लिए उनके यूआरएल (URLs) को ब्लॉक कर दिया जाए।

जानें किन-किन को मिला शो कॉज नोटिस

9 संस्थाएं में – Binance, Kucoin, Huobi, Kraken, Gate.io, Bittrex, Bitstamp, MEXC Global और Bitfinex शामिल हैं।

28 दिसंबर को जारी एक बयान में, वित्त मंत्रालय ने कहा कि ऑफशोर और ऑनशोर वर्चुअल डिजिटल एसेट सेवा प्रदाता भारत में काम कर रहे हैं और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और फिएट मुद्राओं के बीच आदान-प्रदान, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स या इंस्ट्रूमेंट्स के हस्तांतरण और प्रशासन सहित गतिविधियों में शामिल हैं। उन्हें फाइनेंशियल इंटेली जेंस यूनिट-इंडिया के साथ पंजीकृत होना होगा और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

यह भी पढ़ें : IT बजट पूरा खर्च नहीं कर रहे बैंक: RBI डिप्टी गवर्नर

फाइनेंशियल इंटेली जेंस यूनिट-इंडिया एक राष्ट्रीय एजेंसी है जो प्रवर्तन एजेंसियों और उसके विदेशी समकक्षों को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार है।

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “ऑब्लिगेशन एक्टिविटी बेस्ड है और भारत में भौतिक उपस्थिति पर निर्भर नहीं है। विनियमन पीएमएल अधिनियम के तहत वीडीए एसपी पर रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड रखने और अन्य दायित्व डालता है जिसमें एफआईयू आईएनडी (FIU IND) के साथ रजिस्ट्रेशन भी शामिल है।”

उन्होंने कहा, अब तक वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों के 31 सेवा प्रदाताओं ने फाइनेंशियल इंटेली जेंस यूनिट के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है।

यह भी पढ़ें : बीमा कंपनियों को अन्य क्षेत्रों में मिले निवेश की अनुमति: LIC चेयरमैन

वित्त मंत्रालय ने कही ये बात

वित्त मंत्रालय ने कहा, “हालांकि, इंडियन यूजर्स के एक बड़े हिस्से को सर्विस प्रोवाइड करने वाली कई ऑफशोर संस्थाएं पंजीकृत नहीं हो रही थीं और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) और काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म (CFT) फ्रेमवर्क के तहत आ रही थीं।”

दुनिया भर में क्रिप्टो एक्सचेंज संकट के घेरे में हैं और एफटीएक्स जैसी बड़ी गिरावट के कारण इस क्षेत्र में सदमे की लहर है। अभी हाल ही में, नवंबर में, Changpeng Zhao ने अमेरिकी एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों को तोड़ने का दोषी मानने के बाद बिनेंस के प्रमुख के रूप में पद छोड़ दिया।

झाओ का इस्तीफा दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज की जांच के बाद कई अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा था।

First Published - December 29, 2023 | 10:00 AM IST

संबंधित पोस्ट