facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सब तक वित्तीय सुविधा में AI निभाएगी बड़ी भूमिकाः नीलेकणी

Advertisement

AI और भारतीय भाषाएं अरबों लोगों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंचाएंगी

Last Updated- November 19, 2024 | 10:13 PM IST
Infosys Nandan Nilekani

आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस के गैर कार्यकारी चेयरमैन नंदन नीलकेणी ने सब तक वित्तीय सुविधा पहुंचाने में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने जोर दिया कि कैसे एआई आधारित भाषा मॉडल अरबों लोगों की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद कर रहे हैं।

नीलेकणी ने कहा, ‘आईआईटी मद्रास में एआई फॉर भारत के लिए कुछ काम किए जा रहे हैं जिनमें भारतीय भाषाओं के लिए ओपन डेटा तैयार करना भी शामिल है। इसका एनपीसीआई उपयोग कर रहा है। उदाहरण के लिए वे हिंदी और अंग्रेजी में वॉयस एक्टिवेटेड कमांड (जो आवाज से सक्रिय हो) तैयार कर रहे हैं।’

उन्होंने समझाया कि अब भारत में कोई भी व्यक्ति कोई जानकारी हासिल करने अथवा अपने काम को पूरा करने के लिए अपनी पसंदीदा भाषा में संवाद कर सकता है। इससे अरबों लोगों की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच संभव होगी। नीलकेणी मुंबई में आयोजित सहमति संवाद 2024 में फायरसाइड चैट में बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटलीकरण को इस तरह से तैयार किया गया है कि वे वित्तीय समावेशन की ओर ले जाएं। इसकी शुरुआत आधार बनाने से हुई। उसके बाद इसका उपयोग जनधन-आधार मोबाइल (जैम) के तहत बैंक खाते खोलने के लिए किया गया, फिर यूपीआई आया, आधार आधारित भुगतान प्रणाली की शुरुआत की गई, फिर भीम की पेशकश की गई और फिर अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम बना।

Advertisement
First Published - November 19, 2024 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement