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RBI MPC: ब्याज दरों पर बड़ा फैसला शुक्रवार को, 4 संभावित फैसले और उनका असर समझिए

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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये पर दबाव और महंगाई की चिंताओं के बीच RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर बाजार की नजर है।

Last Updated- June 04, 2026 | 2:07 PM IST
RBI
कुछ बाजार संकेत यह बता रहे हैं कि दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। (फाइल फोटो)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की शुक्रवार को जारी होने वाली मौद्रिक नीति हाल के वर्षों के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक मानी जा रही है। एक तरफ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर होता रुपया और मानसून से जुड़े जोखिम हैं, तो दूसरी तरफ आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने की जरूरत है। रॉयटर्स के सर्वे में ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, कुछ बाजार संकेत यह बता रहे हैं कि निवेशक दर बढ़ोतरी की संभावना भी देख रहे हैं।

आइए जानते हैं अलग-अलग संभावित फैसलों का बाजार पर क्या असर पड़ सकता है।

दरें जस की तस रहीं तो क्या होगा?

अगर RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता, लेकिन यह संकेत देता है कि आगे चलकर सख्ती हो सकती है, तो बाजार इसे भी गंभीरता से लेगा। ANZ के रणनीतिकार धीरज निम का कहना है कि ऐसे फैसले से रुपये पर थोड़ा दबाव आ सकता है, हालांकि RBI की दखल से ज्यादा गिरावट नहीं होगी। बॉन्ड बाजार में भी बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

अल्फाग्रेप म्युचुअल फंड के सीईओ भौतिक अंबानी का मानना है कि शेयर बाजार शायद इस फैसले पर ज्यादा प्रतिक्रिया न दे, लेकिन अगर RBI महंगाई को लेकर चिंता जताता है तो निवेशक मान सकते हैं कि आगे ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।

ये भी पढ़ें…. RBI MPC Meet 2026: बॉन्ड यील्ड, लिक्विडिटी और रुपये पर क्या होगा असर? निवेशकों की नजर बैठक पर टिकी

25 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी हुई तो?

अगर RBI रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करता है, तो इससे रुपये को सहारा मिल सकता है। बाजार इसे इस संकेत के तौर पर देखेगा कि केंद्रीय बैंक रुपये को कमजोर होने से बचाने की कोशिश कर रहा है। बॉन्ड कारोबारियों का मानना है कि इससे सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि शेयर बाजार पर थोड़ा दबाव आ सकता है।

भौतिक अंबानी के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों का असर रियल एस्टेट, बैंकिंग और लोगों के खर्च से जुड़े कारोबारों पर पड़ सकता है, इसलिए इन सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल सकती है।

अगर बढ़ोतरी के साथ सख्त संदेश भी मिला

अगर RBI दरें 0.25 फीसदी बढ़ाने के साथ यह भी संकेत देता है कि आगे और सख्ती हो सकती है, तो बाजार की प्रतिक्रिया ज्यादा तेज हो सकती है। निवेशक इसे आने वाले समय में और दर बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देखेंगे। इससे रुपये को और मजबूती मिल सकती है। वहीं, सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी कुछ बढ़ सकती है। कुल मिलाकर बाजार यह मान सकता है कि RBI अब महंगाई को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपनाने जा रहा है।

क्या RBI बड़ा सरप्राइज दे सकता है?

50 बेसिस प्वाइंट यानी 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद बहुत कम लोग कर रहे हैं। लेकिन अगर RBI ऐसा करता है, तो बाजार में बड़ी हलचल मच सकती है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि इससे रुपये को सबसे ज्यादा फायदा होगा और वह डॉलर के मुकाबले काफी मजबूत हो सकता है। दूसरी तरफ बॉन्ड बाजार में यील्ड तेजी से बढ़ सकती है।

ये भी पढ़ें…. RBI MPC Meet: Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर…क्या होगा RBI का फैसला? बता रहे हैं एक्सपर्ट्स

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के रणनीतिकार नागराज कुलकर्णी का कहना है कि ऐसा फैसला बॉन्ड बाजार के लिए बड़ा झटका होगा, लेकिन रुपये को मजबूती देगा। वहीं शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिल सकती है क्योंकि निवेशकों को ऊंची ब्याज दरों के हिसाब से अपने निवेश का आकलन फिर से करना पड़ेगा।

सिर्फ फैसले पर नहीं, RBI के संदेश पर भी नजर

बाजार की नजर सिर्फ इस बात पर नहीं है कि RBI ब्याज दरों में बदलाव करता है या नहीं। उससे भी ज्यादा अहम यह होगा कि केंद्रीय बैंक आगे के लिए क्या संकेत देता है। महंगाई, रुपये और आर्थिक वृद्धि को लेकर RBI का रुख ही तय करेगा कि आने वाले महीनों में शेयर बाजार, बॉन्ड बाजार और रुपये की दिशा क्या होगी।

(रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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First Published - June 4, 2026 | 2:07 PM IST

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