facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

बैंक धोखाधड़ी के तौर-तरीके डिजिटल लेनदेन में बदल गए

Last Updated- December 28, 2022 | 11:56 PM IST
Bank fraud
BS

2021-22 के दौरान धोखाधड़ी की औसत राशि, धोखाधड़ी में शामिल कुल राशि को धोखाधड़ी की संख्या से विभाजित करने के रूप में परिभाषित की गई जिसमें काफी कमी आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रुझान एवं प्रगति रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान शामिल कुल राशि भी कम हो गई है और 2022-23 के पहले छह महीनों में ऐसा लगता है कि यह और भी नीचे चला गया है, लेकिन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं।

आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घटना की तारीख के आधार पर, अग्रिमों से संबंधित धोखाधड़ी 2019-20 से पहले की सबसे बड़ी श्रेणी थी। लेकिन, बाद में धोखाधड़ी की संख्या के संदर्भ में, कार्यप्रणाली कार्ड या इंटरनेट-आधारित लेनदेन में स्थानांतरित हो गई। साथ ही नकद धोखाधड़ी भी बढ़ रही है।

इसके अलावा, निजी बैंकों द्वारा दर्ज किए गए धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 2021-22 में लगातार दूसरे वर्ष सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से अधिक हो गई। हालांकि, शामिल राशि के संदर्भ में, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी 2021-22 में 66.7 फीसदी थी, जबकि पिछले वर्ष यह 59.4 फीसदी थी।

First Published - December 28, 2022 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट