facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Bank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावित

Advertisement

Nationwide Bank Strike: कल, 12 फरवरी 2026 को SBI समेत देशभर के बड़े बैंक कर्मचारी हड़ताल करेंगे, जिससे शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

Last Updated- February 11, 2026 | 11:43 AM IST
banks strike
Nationwide bank strike on 12 Feb (File Photo)

Nationwide Bank Strike: कल यानी 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को देशभर के बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रमुख बैंक यूनियनों ने सरकार की नई नीतियों के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य बड़े बैंक पहले ही इस बारे में शेयर बाजार (BSE) और ग्राहकों को सूचित कर चुके हैं कि बैंक शाखाओं में कामकाज रुक सकता है।

हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कल कोई आधिकारिक छुट्टी नहीं घोषित की है, फिर भी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हड़ताल का नेतृत्व ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) कर रहे हैं। ये संगठन 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर सरकार के नए नियमों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

हड़ताल के पीछे मुख्य कारण

  1. इस हड़ताल का सबसे बड़ा मुद्दा सरकार द्वारा लाए जा रहे चार नए श्रम कानून हैं। यूनियनों का कहना है कि ये नए ‘लेबर कोड’ मौजूदा 29 श्रम कानूनों को खत्म कर देंगे और कर्मचारियों के अधिकारों को कम कर देंगे।

  2. नए नियमों में ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रेशन की शर्तें इतनी जटिल कर दी गई हैं कि भविष्य में कर्मचारियों की आवाज दब सकती है।

  3. बैंक कर्मचारी लंबे समय से ‘हफ्ते में 5 दिन काम’ की मांग कर रहे हैं, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।

ग्राहकों पर प्रभाव

  • हड़ताल के कारण शाखाओं में चेक प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।

  • बड़ी राशि निकालने में मुश्किल हो सकती है।

  • टैक्स भुगतान और अन्य बैंकिंग कार्यों में भी रुकावट आ सकती है।

  • डिजिटल सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है।

  • अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है।

सरकार और बैंक यूनियनों के बीच जारी वार्ता के बीच, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि जरूरी काम पहले निपटा लें और डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल अधिक करें।

Advertisement
First Published - February 11, 2026 | 11:43 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement