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IDFC First Bank ने हरियाणा सरकार को किया ₹55 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान, कुल ₹645 करोड़ दिए

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पिछले महीने बैंक ने अपनी चंडीगढ़ की एक शाखा में राज्य सरकार के खाते से जुड़े 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की सूचना दी थी

Last Updated- March 10, 2026 | 10:23 PM IST
IDFC First Bank
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को कहा कि उसने दावा निपटान के तहत हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को अतिरिक्त 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस भुगतान के बाद पिछले महीने चंडीगढ़ शाखा में धोखाधड़ी का पता चलने से अब तक निपटारे की कुल राशि 645 करोड़ रुपये हो गई है।

शेयर बाजार को दी गई सूचना में बैंक ने कहा, ‘590 करोड़ रुपये के मूलधन के प्रारंभिक अनुमान के मुकाबले बैंक को 645 करोड़ रुपये की शुद्ध मूलधन राशि के दावे प्राप्त हुए हैं और भुगतान किए गए हैं। इस प्रकार दावों के मुकाबले बढ़ा मूलधन भुगतान मूल अनुमानों से 55 करोड़ रुपये अधिक है।’

बैंक ने जोर देकर कहा कि अतिरिक्त दावा उसी घटना से संबंधित है और कोई अन्य दावा लंबित नहीं है। बैंक ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में आश्वासन दिया, ‘बैंक ने तब से उक्त चंडीगढ़ शाखा में सभी प्रासंगिक खातों का समाधान पूरा कर लिया है।  कोई और विसंगति नहीं देखी गई है। 25 फरवरी के बाद से देश भर में किसी अन्य शाखा से कोई अन्य दावा प्राप्त नहीं हुआ है।’

बैंक ने कहा, ‘बैंक ने इस मामले सैद्धांतिक दृष्टिकोण के अनुरूप संबंधित ग्राहकों को उक्त भुगतान किया है।’

पिछले महीने बैंक ने अपनी चंडीगढ़ की एक शाखा में राज्य सरकार के खाते से जुड़े 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की सूचना दी थी। यह मामला तब सामने आया जब एक सरकारी विभाग ने बैंक के साथ अपना खाता बंद करने और धनराशि को किसी अन्य ऋणदाता को हस्तांतरित करने की मांग की। विभाग द्वारा उल्लिखित राशि बैंक के खाते में मौजूद नहीं थी।

 बैंक के अनुसार प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि शाखा के कुछ कर्मचारियों ने जाली तरीके अपनाए और भुगतान निर्देशों को मंजूरी देने में धोखाधड़ी की, जिसमें संभवतः बाहरी पक्षों के साथ मिलीभगत थी।

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First Published - March 10, 2026 | 10:20 PM IST

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