facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

फिनो पेमेंट्स बैंक का बड़ा फैसला: ऋषि गुप्ता की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव फिलहाल वापस लिया

Advertisement

जीएसटी चोरी मामले में फंसे ऋषि गुप्ता की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव फिनो पेमेंट्स बैंक ने वापस ले लिया है। अब बोर्ड और आरबीआई की राय के बाद ही फैसला होगा

Last Updated- March 27, 2026 | 10:42 PM IST
Fino Payments Bank
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

फिनो पेमेंट्स बैंक ने अपने प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी ऋषि गुप्ता की पुनर्नियुक्ति के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगने वाले प्रस्ताव को वापस ले लिया है। बैंक ने इस कदम के पीछे उचित प्रक्रिया और सुदृढ़ कारोबार संचालन के तौर-तरीके को बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला दिया।

यह फैसला गुप्ता को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के कथित आरोपों में गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद जमानत मिलने के अगले दिन आया है।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी ई जानकारी में स्पष्ट किया है कि बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ के तौर पर दोबारा नियुक्ति के लिए ऋषि गुप्ता की उम्मीदवारी पर कोई असर नहीं पड़ा है और इस कार्रवाई से उनकी उम्मीदवारी किसी भी तरह से वापस नहीं ली गई है और न ही छोड़ी नहीं गई है या कोई नुकसान पहुंचा है।

बैंक ने कहा कि इस प्रस्ताव पर उचित समय पर पुनर्विचार किया जाएगा और यह बैंक की नामांकन और पारिश्रमिक समिति तथा बोर्ड द्वारा गुप्ता की ‘उपयुक्त और सही’ स्थिति का पुनर्मूल्यांकन और साथ ही भारतीय रिजर्व (आरबीआई) की अंतिम राय पर निर्भर करेगा। 26 फरवरी को जारी किया गया यह प्रस्ताव उस डाक मतपत्र का हिस्सा था जिसमें शेयरधारकों से 2 मई, 2026 से 1 मई, 2029 तक तीन साल के कार्यकाल के लिए गुप्ता की पुनर्नियुक्ति के लिए मंजूरी मांगी गई थी।

Also Read: लीला होटल्स के CEO अनुराग भटनागर बोले: युद्ध के बावजूद लक्जरी ट्रैवल में बरकरार है मजबूती

मतपत्र में दो प्रस्ताव शामिल थे- वित्त वर्ष 2025 के लिए गुप्ता को पारिश्रमिक का भुगतान और प्रबंध निदेशक व सीईओ के रूप में उनकी दोबारा नियुक्ति। दूसरे प्रस्ताव के वापस लिए जाने के बाद अब केवल पारिश्रमिक प्रस्ताव पर ही मतदान होगा।  बैंक ने कहा कि पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव पर पहले से डाले गए मत अमान्य माने जाएंगे।

गुप्ता को रियल मनी गेमिंग पारिस्थितिकी तंत्र में प्रोग्राम मैनेजरों से जुड़ी कथित जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उनकी रिट याचिका खारिज कर दी थी मगर बाद में हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी।

विशेष अदालत के जमानत आदेश के अनुसार गुप्ता को 10 लाख रुपये का निजी मुचलका और उतनी ही राशि के साथ दो गारंटर प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने, विदेश यात्रा से पहले पूर्व अनुमति लेने और अगले आदेश तक हर महीने के पहले और तीसरे सोमवार को अधिकारियों के सामने पेश होने का भी निर्देश दिया।

फिनो पेमेंट्स बैंक ने स्पष्ट किया कि जांच कुछ प्रोग्राम मैनेजरों से संबंधित है जो कई बैंकों से जुड़े हुए हैं और बैंक के स्वयं के जीएसटी अनुपालन से इसका कोई लेना-देना नहीं है। बैंक ने कहा कि वह अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करना जारी रखेगा।

Advertisement
First Published - March 27, 2026 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement