Indian Banks Hybrid Work Models: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील के बाद HDFC Bank, IndusInd Bank और Yes Bankजैसे बड़े बैंकों ने हाइब्रिड वर्किंग मॉडल अपनाना शुरू कर दिया है। वहीं एक्सिस बैंक, सिटीबैंक और कई विदेशी बैंक कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किए गए हाइब्रिड मॉडल को पहले से जारी रखे हुए हैं।
कुछ बैंक अभी इस पर फैसला लेने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे भी अपनी नीतियों की समीक्षा कर कुछ समय के लिए हाइब्रिड वर्किंग मॉडल पर विचार कर सकते हैं।
पश्चिम एशिया संकट के चलते कच्चे तेल के बाजार को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री ने ऊर्जा बचत और संसाधनों के संरक्षण से जुड़े उपाय अपनाने की अपील की है। पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मितव्ययिता उपाय अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने को कहा था।
भारत के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने बिजनेस और कॉरपोरेट सपोर्ट फंक्शन से जुड़े कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन तक वर्क फ्रॉम होम (WFH) की व्यवस्था लागू की है। यह व्यवस्था फिलहाल 30 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।
इंडसइंड बैंक भी चुनिंदा टीमों में सफल प्रयोग के बाद कई विभागों में रोस्टर आधारित वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था का विस्तार कर रहा है।
इंडसइंड बैंक के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) अमिताभ कुमार सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था “कस्टमर-फर्स्ट” दृष्टिकोण के साथ तैयार की गई है, ताकि ग्राहक सेवाएं और शाखा संचालन सामान्य रूप से चलते रहें और साथ ही प्रोडक्टिविटी व ऑपरेशनल दक्षता भी बनी रहे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल-फर्स्ट प्रक्रियाओं और तेज एग्जीक्यूशन के जरिए यह मॉडल समय के बेहतर उपयोग, ज्यादा उत्पादकता और कामकाज के अधिक प्रभावी तरीके सुनिश्चित कर रहा है।
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यस बैंक में भी कुछ टीमें पहले से हाइब्रिड मोड में काम कर रही हैं। बैंक की CHRO अर्चना शिरूर ने कहा, “हम अब अन्य गैर-ग्राहक-संबंधित भूमिकाओं में भी हाइब्रिड मॉडल को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।”
एक्सिस बैंक और सिटीबैंक जैसे बड़े बैंक कोविड-19 महामारी के बाद से ही हाइब्रिड वर्क मॉडल अपना रहे हैं। कई अन्य विदेशी बैंक भी तब से लचीली हाइब्रिड व्यवस्था जारी रखे हुए हैं।
एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड (मानव संसाधन) राजकमल वेंपति ने कहा कि बैंक इस राष्ट्रीय प्राथमिकता का समर्थन करने के लिए विशेष रूप से तैयार है क्योंकि हमने पांच साल पहले ही प्रगतिशील हाइब्रिड संरचना लागू कर दी थी। जहां उद्योग में आम तौर पर दो दिन वर्क फ्रॉम होम का मॉडल अपनाया जाता है, वहीं हम लंबे समय से गैर-ग्राहक भूमिकाओं के लिए सप्ताह में तीन दिन WFH मॉडल लागू किए हुए हैं।” उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था बैंक को बिना किसी परिचालन बाधा के बड़े आर्थिक बदलावों को संभालने में मदद करती है।
सिटी इंडिया की CHRO तूबा मुदस्सिर ने कहा कि उनके 37,000 से अधिक कर्मचारी मार्च 2021 से हाइब्रिड वर्क मॉडल अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस मॉडल के तहत कर्मचारी पांच दिन के कार्य सप्ताह में तीन दिन ऑफिस और दो दिन घर से काम करते हैं। यह व्यवस्था बेहतर प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने में प्रभावी रही है, साथ ही कर्मचारियों को वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है।”
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देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अभी इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार बैंक के पास हाइब्रिड वर्किंग लागू करने की पूरी क्षमता है क्योंकि महामारी के दौरान इसके लिए जरूरी ढांचा तैयार किया जा चुका है। फिलहाल इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पिछले सप्ताह जारी एक सर्कुलर में वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सरकारी बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से यात्रा संबंधी खर्च कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की थी।
मंत्रालय ने कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के चेयरपर्सन, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशकों की विदेश यात्राओं को निर्धारित सीमा के भीतर रखा जाए और जहां संभव हो, ऐसी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया जाए।