facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NBFC कर रहे नियमों का उल्लंघन, RBI ने कहा- P2P लेंडिंग को बढ़ावा देने की नहीं परमिशन

Advertisement

नए प्रावधानों के तहत एनबीएफसी- पी2पी वास्तव में इन इकाइयों को संचालित करने वाले दिशानिर्देशों में बताए गए तरीके के अलावा किसी दूसरे तरीके से फंड नहीं लगा सकते हैं।

Last Updated- August 16, 2024 | 11:21 PM IST
nbfc, RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि ऋण देने वाले कुछ एनबीएफसी –पीयर-टू-पीयर (पी2पी) लेंडिंग प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन करते हुए कुछ ऐसी गतिविधियों में लिप्त थे जिसकी अनुमति नहीं थी जैसे कि निवेश योजनाओं, नकदी की पेशकश करने के विकल्पों के तौर पर पी2पी लेंडिंग को बढ़ावा देना।

इसके अलावा ये महज एक प्लेटफॉर्म की भूमिका में न होकर जमा लेने और ऋण देने के तौर पर अपनी सक्रियता बढ़ाते हैं जिसको लेकर आरबीआई को एतराज है। इन उल्लंघनों को देखते हुए नियामक ने इस मुद्दे से जुड़े कुछ दिशानिर्देशों का संशोधन किया है। नियामक ने कहा, ‘ऐसे उल्लंघनों से भारतीय रिजर्व बैंक द्विपक्षीय तरीके से निपटती रही है।’

आरबीआई के मुताबिक एनबीएफसी-पी2पी लेंडिंग मंच को एक ऐसे बिचौलिए के तौर पर अपनी भूमिका निभानी होती है जो पीयर-टू-पीयर लेंडिंग में शामिल प्रतिभागियों को ऑनलाइन मार्केटप्लेस मुहैया कराते हैं। नतीजतन आरबीआई ने कुछ दिशानिर्देशों में संशोधन किए हैं और इन इकाइयों को संचालित करने के लिए मुख्य दिशानिर्देश में नए प्रावधआन जोड़े हैं ताकि इस क्षेत्र में सही दिशा में पर्याप्त तरीके से अमल किया जाए। संशोधित प्रावधान तीन महीने में प्रभावी होगा।

आरबीआई ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि एनबीएफसी-पी2बी कोई क्रेडिट वृद्धि या क्रेडिट गारंटी नहीं दे सकती हैं और साथ ही यह भी कहा कि इस मंच पर ऋणदाताओं द्वारा कर्जदारों को दिए गए मूलधन या ब्याज या दोनों के नुकसान का वहन ऋणदाताओं द्वारा करना होगा और साथ ही उन्हें पर्याप्त खुलासा भी करना होगा।

इसमें यह भी कहा गया कि ऋण से जुड़ी बीमा योजनाओं को छोड़कर, एनबीएफसी-पी2पी को कोई बीमा योजना नहीं बेचनी चाहिए। हालांकि उन्हें क्रेडिट गारंटी आदि से जुड़ी कोई बीमा योजना बेचने की सख्त मनाही है। इसके अलावा नियामक ने कहा कि उपयोगकर्ताओं के निजी समूह में प्रतिभागियों का मिलान करने या संभावित कर्जदारों की पहचान आदि करने से मना किया है।

नए प्रावधानों के तहत एनबीएफसी- पी2पी वास्तव में इन इकाइयों को संचालित करने वाले दिशानिर्देशों में बताए गए तरीके के अलावा किसी दूसरे तरीके से फंड नहीं लगा सकते हैं।

Advertisement
First Published - August 16, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement