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बैंकों की शुद्ध ब्याज आय तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड 25.5 फीसदी बढ़ी

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Last Updated- February 19, 2023 | 5:34 PM IST

बैंकों की शुद्ध ब्याज आय (net interest income) दिसंबर, 2022 को समाप्त तिमाही में रिकॉर्ड 25.5 फीसदी की वृद्धि के साथ 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। यह ऋण के बेहतर उठाव और कर्ज पर ऊंची प्राप्तियों की स्थिति को दर्शाता है। एक विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है।

तिमाही के दौरान बैंकों को कर्ज पर ऊंची कमाई हुई है। तिमाही के दौरान बैंकों का शुद्ध ब्याज मार्जिन (net interest margin) 0.17 फीसदी बढ़कर 3.28 फीसदी हो गया।

Care Ratings के वरिष्ठ निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा कि इसकी वजह यह है कि बैंकों ने मौजूदा ऋण का ऊंची दर पर पुनर्मूल्यांकन किया और नए कर्ज पर ब्याज दर बढ़ाई। वहीं दूसरी ओर उन्होंने जमा दरों में बदलाव नहीं किया।

हालांकि, Net interest margin (NIM) में वृद्धि की अगुवाई निजी क्षेत्र के बैंकों ने की। उनका NIM सालाना आधार पर 0.15 फीसदी बढ़कर 4.03 फीसदी पर पहुंच गया। वहीं पब्लिक सेक्टर के बैंकों का NIM 0.17 फीसदी बढ़कर 2.85 फीसदी रहा।

Net interest income (NII) बैंकों के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत है। यह बैंकों की ब्याज आय और जमा पर किए गए ब्याज भुगतान का अंतर होता है। अग्रवाल का मानना है कि देनदारियों के नए सिरे से मूल्य निर्धारण से आगे चलकर NIM स्थिर होगा।

उन्होंने कहा कि ऋण की मांग ऊंचे दो अंक में बनी हुई है, ऐसे में अब कुछ प्रमुख बैंकों ने जर्माकर्ताओं को अधिक रिटर्न देना शुरू कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक पिछले साल मई से प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 2.50 फीसदी की वृद्धि कर चुका है। मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के चार फीसदी (दो फीसदी ऊपर या नीचे) के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है।

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First Published - February 19, 2023 | 3:40 PM IST

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