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RBI ने इस कोऑपरेटिव बैंक पर लगाया प्रतिबंध, खाताधारक नहीं निकाल सकेंगे पैसा

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हालांकि RBI ने निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन उसने कुछ शर्तों के साथ बैंक को मौजूदा जमा के खिलाफ लोन समायोजित (offset loans) करने की अनुमति दी है।

Last Updated- February 14, 2025 | 3:49 PM IST
फोटो क्रेडिट: PTI

न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के ग्राहकों में अफरातफरी मच गई है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंताओं के चलते सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। इन प्रतिबंधों में सबसे बड़ी रोक निकासी (withdrawals) पर छह महीने के लिए रोक शामिल है। इस फैसले के बाद, बैंक के ब्रांच्स के बाहर ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई, जो स्थिति को समझने और समाधान पाने की कोशिश कर रहे थे।

RBI ने ऐलान किया कि मुंबई स्थित न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक अब नए लोन जारी नहीं कर सकता, निवेश नहीं कर सकता और उधारी भी नहीं ले सकता। केंद्रीय बैंक ने बैंक पर निगरानी संबंधी चिंताओं (supervisory concerns) और नकदी संकट का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है। ये पाबंदियां गुरुवार को कारोबार खत्म होने के बाद से लागू हो गई हैं और अगले छह महीने तक जारी रहेंगी, हालांकि RBI जरूरत पड़ने पर इन्हें रिव्यू कर सकता है। हालांकि, RBI ने इस अचानक उठाए गए कदम के ठोस कारणों का खुलासा नहीं किया।

ग्राहकों में नाराजगी और अनिश्चितता

इस फैसले से जमाकर्ताओं में भारी नाराजगी और डर फैल गया है। कई ग्राहक अपने रोजमर्रा के आर्थिक लेन-देन, बिल भुगतान और लोन EMI को लेकर चिंतित हैं।

एक ग्राहक सीमा वाघमारे ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए नाराजगी जाहिर की और कहा, “हमने कल ही पैसा जमा किया था, लेकिन हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अब वे कह रहे हैं कि हमें अपना पैसा तीन महीने में मिलेगा। हमारे लोन EMI भरने हैं, हमें समझ नहीं आ रहा कि अब हम क्या करेंगे।”

एक अन्य ग्राहक भानुमति ने बताया, “बैंक ने हमें पहले से कुछ नहीं बताया। किसी के पास हर समय फोन चेक करने का समय नहीं होता। मेरा इस बैंक में पिछले 32-35 सालों से खाता है। मैं यहां फिक्स्ड डिपॉजिट खोलने वाली थी, लेकिन किस्मत अच्छा थी कि समय नहीं मिला, वरना बड़ा नुकसान हो जाता।”

कुछ जरूरी लेन-देन की छूट

हालांकि RBI ने निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन उसने कुछ शर्तों के साथ बैंक को मौजूदा जमा के खिलाफ लोन समायोजित (offset loans) करने की अनुमति दी है। इसके अलावा, बैंक कर्मचारियों की सैलरी, किराया और बिजली-पानी के बिल जैसी जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च कर सकता है, ताकि न्यूनतम स्तर पर बैंकिंग कार्य जारी रह सकें।

छोटे बैंकों पर बढ़ी सख्ती

न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की यह कार्रवाई उन छोटे वित्तीय संस्थानों पर बढ़ती सख्ती का हिस्सा है, जो नकदी संकट और नियामक अनुपालन (compliance issues) से जूझ रहे हैं। आने वाले महीनों में इस बैंक की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी, क्योंकि इसका भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।

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First Published - February 14, 2025 | 3:35 PM IST

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