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SBI खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, इनऑपरेटिव अकाउंट्स दोबारा किये जाएंगे एक्टिवेट; जानिए बैंक का प्लान

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SBI ने एक बयान में कहा, अगर किसी बचत या चालू खाते में दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो उसे बंद खाता मान लिया जाता है।

Last Updated- December 01, 2024 | 12:30 PM IST
SBI Jan Nivesh Scheme
SBI: Representational Image

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने शनिवार को देशभर में बंद पड़े खातों को चालू करने के महत्व पर जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। SBI ने एक बयान में कहा, अगर किसी बचत या चालू खाते में दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो उसे बंद खाता मान लिया जाता है। ऐसे खातों को चालू करने के लिए ग्राहकों को दोबारा केवाईसी (Re-KYC) करवानी होती है।

इस अभियान का मुख्य मकसद लोगों को यह बताना है कि खाते में नियमित लेन-देन करते रहें, ताकि खाता बंद न हो।

एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेट्टी ने री-केवाईसी प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी और प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पीएमजेडीवाई खाते सक्रिय स्थिति में रहेंगे और ग्राहकों को लेन-देन में कोई दिक्कत नहीं होगी।

उन्होंने बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स से अपील की कि वे तकनीक का उपयोग करके दूरदराज के ग्राहकों तक पहुंच बनाएं और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाएं।
एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेट्टी ने कहा कि री-केवाईसी प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करना जरूरी है। इससे पीएमजेडीवाई खाते एक्टिव रहेंगे और ग्राहकों को लेन-देन में आसानी होगी।

उन्होंने बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स से कहा कि वे तकनीक का इस्तेमाल करके दूर-दराज के ग्राहकों तक पहुंचें और उनकी सुविधाएं बेहतर बनाएं।

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First Published - December 1, 2024 | 10:17 AM IST

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