facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

चालू खाते और बचत खाते की हिस्सेदारी सात साल के निचले स्तर पर

Advertisement
Last Updated- April 09, 2023 | 9:11 PM IST
Indian Banks- भारतीय बैंक

वर्ष 2022-23 के अंत में सकल जमा राशि में कासा (चालू खाते और बचत खाते) की हिस्सेदारी गिरकर 11.6% हो गई। यह बीते सात साल में सबसे कम हिस्सेदारी है।

बीते 10 वर्षों में दूसरी बार वृद्धिशील जमा में कासा की हिस्सेदारी गिरकर इकाई अंक में (6.7 फीसदी) आ गई है।

RBI के हालिया आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 23 के अंतिम पखवाड़े में वाणिज्यिक बैंकों में 15.8 लाख करोड़ रुपये जमा हुए जबकि उनकी जमा की मांग केवल 1.07 लाख करोड़ रुपये थी। इसका कारण यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज संबंधी कार्रवाइयों के कारण सावधि जमा पर ब्याज दरें बढ़ गई हैं।

आरबीआई ने मार्च 2022 से रीपो दर को बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके बाद से रीपो दर में 250 बुनियादी आधार अंक (बीपीएस) की बढ़ोतरी हुई और सावधि जमा की ब्याज दरों में (फरवरी के बाद से) करीब 100 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई। इसका परिणाम यह हुआ कि बैंकों में सावधि जमा (FD) पर अधिक ब्याज मिल रहा है जबकि बचत खातों पर करीब 3 फीसदी ब्याज है।

Advertisement
First Published - April 9, 2023 | 8:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement