facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैंकों की कर्ज वृद्धि चालू वित्त वर्ष में नरम पड़कर 13.2 प्रतिशत रहने का अनुमान: ICRA

Advertisement

कर्ज की राशि भी घटकर 16.5 से 18 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो एक साल पहले 18.2 लाख करोड़ रुपये थी।

Last Updated- September 14, 2023 | 7:36 PM IST
Indian Banks- भारतीय बैंक

बैंकों में चालू वित्त वर्ष में कर्ज वृद्धि नरम पड़कर 12.1 से 13.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एक साल पहले इसमें 15.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक रिपोर्ट में यह भी कहा कि बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार जारी रहेगा। गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात मार्च, 2024 तक कम होकर 2.8 से तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि जून तिमाही में यह 3.7 प्रतिशत था।

बिना किसी गारंटी के दिये गये कर्ज को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं

बिना किसी गारंटी के दिये गये कर्ज में वृद्धि के बीच रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इस बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। इस प्रकार के कर्ज कम हैं और प्रबंधन के स्तर पर हैं। इक्रा के सह-समूह प्रमुख अनिल गुप्ता ने प्रतिशत के हिसाब से कर्ज वृद्धि में नरमी के बावजूद इसे मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि कर्ज की राशि भी घटकर 16.5 से 18 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो एक साल पहले 18.2 लाख करोड़ रुपये थी।

Also read: PSU Banks : सरकारी बैंको का प्रॉफिट 65 फीसदी बढ़ा, जानिए कौन-सा बैंक है सबसे आगे

बैंक इस वर्ष अधिक जमा प्राप्त करने का प्रयास करेंगे और वित्त वर्ष 2023-24 में कुल जमा वृद्धि नौ प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है। एजेंसी ने कहा कि इससे जमा पर मिलने वाला ब्याज बढ़ेगा और शुद्ध ब्याज मार्जिन पर 0.20 प्रतिशत से अधिक का प्रभाव पड़ेगा।

बही-खातों की गुणवत्ता काफी बेहतर होगी

गुप्ता ने कहा कि इससे बैंकों के लाभ पर असर पड़ेगा और परिसंपत्तियों पर रिटर्न में मामूली कमी आएगी। उन्होंने कहा कि कुछ बैंक लाभ बनाये रखने का प्रयास कर सकते हैं और शुद्ध एनपीए (फंसे कर्ज) की स्थिति में सुधार जीएनपीए जितना तेज नहीं होगा। गुप्ता ने कहा कि कुल मिलाकर बैंकों की कर्ज लागत कम होगी क्योंकि नये फंसे कर्ज में कमी आएगी। फलत: बही-खातों की गुणवत्ता काफी बेहतर होगी।

Advertisement
First Published - September 14, 2023 | 7:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement