facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

FY25 में कॉरपोरेट बॉन्ड में FPI निवेश 11.4% बढ़ा, सेकेंडरी मार्केट में भी ट्रेडिंग में तेजी

Advertisement

भारतीय रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक यह 2023-24 के 1.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1.21 लाख करोड़ रुपये हो गया।

Last Updated- May 29, 2025 | 11:27 PM IST
FPI Investments

कॉरपोरेट बॉन्डों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश 2024-25 में 11.4 प्रतिशत बढ़ा। भारतीय रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक यह 2023-24 के 1.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1.21 लाख करोड़ रुपये हो गया। मगर रिपोर्ट के मुताबिक स्वीकृत निवेश सीमा में से मार्च 2025 के अंत तक केवल 15.8 प्रतिशत का इस्तेमाल हुआ, जो एक साल पहले 16.2 प्रतिशत था। इसका मुख्य कारण एफपीआई के लिए पूर्ण निवेश सीमा बढ़ा दिया जाना है।

साल के दौरान 9.9 लाख करोड़ रुपये के प्राथमिक कॉरपोरेट बॉन्ड जारी किए गए, जो 2023-24 के 8.6 लाख करोड़ रुपये से 16.1 प्रतिशत अधिक हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आउटस्टैंडिंग कॉरपोरेट बॉन्ड (दिसंबर के अंत तक) भी 13.3 प्रतिशत बढ़कर 51.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए, जो पिछले वर्ष 45.5 लाख करोड़ रुपये रुपये थे।

वित्त वर्ष के दौरान देसी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध कॉरपोरेट बॉन्ड के प्राथमिक निर्गमों में वृद्धि हुई और विदेशी बाजारों के माध्यम से जुटाए गए धन में भी वृद्धि हुई है। निर्गम के मामले में प्राइवेट प्लेसमेंट को तरजीह मिलती रही। देसी बॉन्ड बाजार में जुटाई गई कुल रकम में 99.2 प्रतिशत इसी के जरिये आई।

रिपोर्ट में खास तौर पर बताया गया कि 2024-25 में द्वितीयक बाजार में औसत दैनिक कारोबार 7,645 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पहले के वित्त वर्ष में 5,722 करोड़ रुपये ही था। सरकारी बॉन्डों की यील्ड की तरह कॉरपोरेट बॉन्ड की यील्ड भी वित्त वर्ष 2024-25 में कम हो गई।

मार्च 2024 की तुलना में मार्च 2025 में सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों और बैंकों के एएए रेटिंग वाले 3 साल के बॉन्ड की यील्ड 15 आधार अंक घट गई। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की यील्ड 28 आधार अंक और कंपनियों के बॉन्ड की यील्ड 33 आधार अंक घटी है।

Advertisement
First Published - May 29, 2025 | 11:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement