facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में अगले साल लगाएगी और पूंजी

Advertisement
Last Updated- March 12, 2023 | 6:23 PM IST
Insurance

सार्वजनिक क्षेत्र की तीन बीमा कंपनियों की वित्तीय हालत सुधारने के लिए सरकार उनमें और पूंजी लगा सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह अनुमान लगाया है।

सरकार ने पिछले साल तीन बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई थी।

अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर, वित्त मंत्रालय इस पर निर्णय लेगा कि कंपनियों को विनियामक आवश्यकता को पूरा करने के लिए कितनी पूंजी की आवश्यकता होगी।

अधिकारी ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और इन संस्थाओं में उनकी सॉल्वेंसी मार्जिक को बढ़ाने के लिए पूंजी डाली जाएगी।

सॉल्वेंसी मार्जिन वह अतिरिक्त पूंजी है, जिसे कंपनियों को वहन की जा सकने वाली संभावित दावा राशि के अतिरिक्त रखना होता है। इससे विषम परिस्थितियों में कंपनी को सभी दावों का निपटान करने में मदद मिलती है।

Advertisement
First Published - March 12, 2023 | 6:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement