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PayU को ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ के रूप में काम करने की मिली मंजूरी, RBI ने जनवरी 2023 में लगाई थी रोक

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RBI ने जनवरी 2023 में प्रोसस ग्रुप की कंपनी पेयू के ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ को लेकर जमा आवेदन वापस कर दिए थे और उन्हें 120 दिनों के भीतर फिर से जमा करने को कहा था।

Last Updated- April 24, 2024 | 1:15 PM IST
PayU को ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी , PayU gets RBI's in-principle nod to operate as payment aggregator

वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी पेयू (PayU) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। कंपनी ने बुधवार को यह कहा। ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ एक तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाता है, जो ग्राहकों और कारोबारियों को भुगतान को लेकर एक मंच पर लाता है। यह ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान करने और कारोबारियों को भुगतान स्वीकार करने में सक्षम बनाता है।

RBI ने जनवरी 2023 में प्रोसस ग्रुप की कंपनी पेयू के ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ को लेकर जमा आवेदन वापस कर दिए थे और उन्हें 120 दिनों के भीतर फिर से जमा करने को कहा था। पेयू सैद्धांतिक मंजूरी के साथ अब नये कारोबारियों को डिजिटल भुगतान सेवाएं प्रदान करने के लिए अपने साथ जोड़ सकती है।

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पेयू के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनिर्बान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह लाइसेंस भारत में वैश्विक स्तर पर चर्चित डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचा स्थापित करने के हमारे लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और RBI के दूरदर्शी नियमों के अनुरूप, हम विशेष रूप से छोटे कारोबारियों के लिए डिजिटलीकरण और वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

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First Published - April 24, 2024 | 12:58 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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