भारतीय उपभोक्ता बड़ी संख्या में 2 करोड़ रुपये से अधिक के सावधि बीमा कवर का विकल्प चुन रहे हैं। खुदरा सुरक्षा योजनाओं पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य किए जाने के सरकारी निर्णय के बाद ऐसा हुआ है। इस बदलाव से देश के सबसे बड़े निजी जीवन बीमा कंपनियों के पॉलिसी मिश्रण में बड़े बदलाव आ रहे हैं।
पॉलिसी बाजार के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में 2 करोड़ रुपये से अधिक की बीमित राशि वाली पॉलिसियों की बिक्री, कुल सावधि बीमा बिक्री का 34 प्रतिशत रही। एक साल पहले इनकी हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी। सितंबर 2024 में जीएसटी छूट के कारण पॉलिसी खरीदने में 10 प्रतिशत का उछाय आया है। इस अवधि के दौरान 2 करोड़ रुपये से कम की पॉलिसियों का हिस्सा 76 प्रतिशत से घटकर 66 प्रतिशत रहा।
पॉलिसी बाजार में सावधि बीमा के प्रमुख वरुण अग्रवाल ने कहा, ‘लोग धीरे-धीरे उच्च बीमित राशि पॉलिसियों का विकल्प चुन रहे थे, लेकिन जीएसटी के बाद खरीदने का सामर्थ्य बढ़ा। प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण, बढ़ी हुई जागरूकता और ग्राहकों द्वारा महंगाई दर और बढ़ती वित्तीय जिम्मेदारियों के कारण बड़े कवर की जरूरत महसूस करने के कारण यह हुआ है।’