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अक्टूबर में स्वास्थ्य बीमा में रिकॉर्ड 38% उछाल, खुदरा योजनाओं और GST कटौती से प्रीमियम में आई तेजी

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यह वृद्धि खुदरा स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेजी की वजह से हुई है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर दरों में कटौती के कारण लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ने से रफ्तार मिली

Last Updated- November 10, 2025 | 10:24 PM IST
health insurance Plans
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

गैर जीवन बीमाकर्ताओं की अक्टूबर में वृद्धि दर स्थिर रही है, वहीं एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं ने सालाना आधार पर प्रीमियम में रिकॉर्ड 38 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि खुदरा स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेजी की वजह से हुई है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर दरों में कटौती के कारण लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ने से रफ्तार मिली। साथ ही 1/एन अकाउंटिंग मानकों के नॉर्मलाइजेशन का भी असर पड़ा है।

जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक एकल  स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं के प्रीमियम में अक्टूबर में सालाना आधार पर 38.3 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यह 3,738.34 करोड़ रुपये हो गया है।

प्रमुख बीमाकर्ताओं की स्थिति देखें तो स्टार हेल्थ ऐंड अलायड इंश्योरेंस का प्रीमियम सालाना आधार पर 22.5 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि केयर हेल्थ इंश्योरेंस का 34.22 प्रतिशत, निवा बूपा का अक्टूबर में प्रीमियम 66.55 प्रतिशत बढ़ा है।

नोमुरा के विश्लेषकों ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘एकल स्वास्थ्य बीमा की वृद्धि वापस लौटी (सालाना आधार पर 38.4 प्रतिशत) है। इसकी एक वजह 1/एन लेखांकन है। संभवतः खुदरा स्वास्थ्य योजनाओं पर वस्तु व सेवा कर न लगने का भी असर पड़ा और दबी मांग लौटी है।’

सितंबर में  व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमयम पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर  दिया गया था। उद्योग ने कर में कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को दे दिया, जिससे वहनीयता बढ़ी है। इस कदम से बिक्री में वृद्धि होने और आने वाले महीनों में बीमा की पैठ बढ़ने की संभावना है।

भारतीय जीवन बीमा एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने रिपोर्टिंग का प्रारूप बदला है और दीर्घावधि पॉलिसियों से मिले प्रीमियम की रिपोर्टिंग को बाहर कर दिया। यह 1 अक्टूबर 2024 सा लागू हुआ और 1 अक्टूबर 2025 से इसका असर खत्म होने का अनुमान लगाया गया था।

बहरहाल गैर जीवन बीमा प्रीमियम में 0.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज गई है औरइसका प्रीमियम 29,617.60 करोड़ रुपये रहा है। इसमें जनरल इंश्योरेंस, एकल स्वास्थ्य बीमा और स्पेशलाइज्ड पीएसयू बीमा शामिल होता है। आंकड़ों से पता चलता है कि जनरल इंश्योरेंस का प्रीमियम अक्टूबर में 25,464 करोड़ रुपये रहा है और इसमें सालाना आधार पर 1.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों ने कहा कि वाहनों की जीएसटी दरों में संशोधन से मल्टी लाइन सामान्य बीमा कंपनियां प्रभावित हुईं, जिसके परिणामस्वरूप कंपनियों के लिए बीमित राशि और मोटर बीमा प्रीमियम भी कम हो गया।

बीमाकर्ताओं में सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के प्रीमियम में वृद्धि हुई है। सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस के प्रीमियम में सालानाआधार पर 17.65 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वहीं यूनाइटेड इंडिया इश्योरेंस के प्रीमियम में 4.32 प्रतिशत सालाना वृद्धि हुई है।  नैशनल इंश्योरेंस का प्रीमियम 14.10 प्रतिशत और ओरिएंटल इंश्योरेंस का प्रीमयम इस दौरान 0.92 प्रतिशत बढ़ा है।

 निजी क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में आईसीआईसीआई लोंबार्ड का प्रीमियम 16.30 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं बजाज आलियांज जनरल का प्रीमियम  50.5 प्रतिशत गिरा है। एचडीएफसी एर्गो का प्रीमियम भी सालाना आधार पर 14.97 प्रतिशत कम हुआ है।

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First Published - November 10, 2025 | 10:05 PM IST

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