वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) के दौरान बीमा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने की संभावना है। विश्लेषकों का कहना है कि इसका मुख्य कारण खुदरा जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर माल और सेवा कर (जीएसटी) कम किया जाना है। इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का नुकसान हुआ है।
बहरहाल सामान्य बीमाकर्ताओं पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव रहने की संभावना है क्योंकि जीएसटी कटौती के बाद स्वास्थ्य और मोटर खंडों में मांग बढ़ने से कामकाज बढ़ा है।
शेयर बाजारों की अस्थिरता के कारण भी इस तिमाही के दौरान बीमाकर्ताओं के निवेश आय पर दबाव पड़ सकता है। एमके के विश्लेषकों के अनुसार मार्जिन मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है, क्योंकि जीएसटी की वजह से होने वाली आईटीसी हानि के प्रभाव की गणना पहले ही की जा चुकी है।
चौथी तिमाही में निफ्टी में 14 प्रतिशत की गिरावट के साथ वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में 10 प्रतिशत गिरावट और बॉन्ड यील्ड में 40 आधार अंक की तेजी से वित्त वर्ष2026 के दौरान निजी जीवन बीमाकर्ताओं के परिणाम में 4 से 5 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मुनाफे पर करीब 10 प्रतिशत असर पड़ सकता है।
जीवन बीमा की बढ़ती मांग और सावधि बीमा अधिक होने और नॉन लिंक्ड उत्पादों पर ध्यान दिए जाने से आईटीसी का असर आंशिक रूप से कम होने की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि नए व्यवसाय (वीएनबी) मार्जिन के मूल्य पर आईटीसी के नुकसान के प्रभाव को गैर-लिंक्ड उत्पादों की ओर बदलाव, सावधि उत्पादों की बढ़ती मांग और सुधरी अटैचमेंट दरों से आंशिक रूप से नुकसान कम ह जाएगा। हमारे हिसाब से एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस को छोड़कर वीएनबी में दोहरे अंकों की वृद्धि होने की संभावना है।’
ब्रोकरेज के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के वीएनबी में 1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की संभावना है, जबकि एक साल पहले 9.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। एचडीएफसी लाइफ के वीएनबी में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के वीएनबी में 12 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जो एक साल पहले के 2.45 प्रतिशत से ऊपर है।
वहीं वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में एलआईसी के वीएनबी में 25 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में 3.04 प्रतिशत की गिरावट आई थी।