भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कॉरपोरेट बैंकिंग और सहायक कंपनियों के प्रबंध निदेशक अश्विनी तिवारी ने कहा कि एक बीमा कंपनी का पहला काम सुरक्षा उत्पाद बेचना है, लेकिन दुर्भाग्य से इस उद्योग में सुरक्षा उत्पादों का हिस्सा केवल 10 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने कहा कि एसबीआई की जीवन बीमा सहायक कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस को वह बताते रहते हैं कि बीमा कंपनी के दृष्टिकोण से यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) बेचना अच्छा विचार नहीं है।
तिवारी ने बुधवार को फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं अपनी बीमा कंपनी से अभी भी कहता हूं कि बीमा कंपनी के नजरिए से यूलिप बेचना अच्छा विचार नहीं है। यह एक विवादास्पद बयान है, लेकिन उद्योग स्वयं ऐसा कर रहा है। मेरी राय में एक बीमा कंपनी का पहला कार्य हमेशा सुरक्षा उत्पाद बेचना होना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से सुरक्षा उत्पाद इस उद्योग का केवल 10 प्रतिशत है।’
वित्त वर्ष 2026 में एसबीआई लाइफ की पॉलिसियों में यूलिप की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत थी। न्यू बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में यूलिप की हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है और एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्वीवैलेंट (एपीई) के आधार पर यह 59 प्रतिशत है। एसबीआई लाइफ निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है।
एसबीआई लाइफ के एमडी और सीईओ अमित झिंगरन ने पिछले महीने बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा था, ‘पिछले दो वर्षों से हम आक्रामक रूप से गैर यूलिप पॉलिसियों को आगे बढ़ाकर एक अधिक संतुलित उत्पाद मिश्रण रखने का प्रयास कर रहे हैं।’ तिवारी ने कहा, ‘वित्तीय सेवा तैयार करने वालों, प्रदाताओं और वितरकों की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। उन्हें लोगों को शिक्षित करना है और लोगों को प्रेरित करना है कि उनके लिए सुरक्षा उत्पाद किस तरह से बेहतर हैं।’