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IRDAI चेयरमैन का बड़ा बयान: आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए ‘स्मार्ट रेगुलेशन’ पर जोर

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IRDAI चेयरमैन अजय सेठ ने आर्थिक विकास के लिए पाबंदियों के बजाय स्मार्ट रेगुलेशन की वकालत की है, जिससे नियमों का बोझ कम और व्यापार सुगम होगा

Last Updated- April 24, 2026 | 10:43 PM IST
IRDAI chief Ajay Seth
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) के अध्यक्ष अजय सेठ | फाइल फोटो

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) के अध्यक्ष अजय सेठ ने शुक्रवार को कहा कि भारत के लिए विनियमों का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को अधिकतम करने के दौरान कानूनों व विनियमनों का गैर अनुपालन कम करना होना चाहिए।

इरडाई के चेयरमैन सेठ ने जिंदल लॉ स्कूल की रेगुलेटरी गवर्नेंस की रिपोर्ट जारी करने के दौरान कहा कि भारत की आजादी के 78 वर्ष पूरे होने पर विनियमन गतिविधियों का लक्ष्य देश की वृद्धि और विकास की उम्मीदों के अनुरूप होना चाहिए। विनियमों का उद्देश्य नियमों और विनियमों के गैर-अनुपालन को कम करना होना चाहिए, न कि शून्य गैर-अनुपालन की शर्त पर आर्थिक गतिविधि को अधिकतम करना। हानिकारक होने की स्थिति में पलटी जाने वाली नीतियों को निर्देशों की जगह सिद्धांतों से निर्देशित होना चाहिए। ऐसे में दूरगामी प्रभाव सामने आएंगे जिसे पलटा नहीं जा सकता या जिनसे स्थिरता संबंधित चिंताएं हो सकती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, उपभोक्ताओं और सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा करने और निष्पक्ष बाजारों को सुनिश्चित करने के लिए विनियमन आवश्यक हैं, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य केवल बाजार की विफलताओं को ठीक करने से कहीं अधिक है। उन्हें दक्षता, स्थिरता और वितरण को संतुलित करने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा विश्व जो निर्यात, ऊर्जा व जलवायु बाधाओं का सामना कर रहा है और साथ ही कई जोखिमों का भी सामना कर रहा है, उसे विकास के घरेलू कारकों को अधिकतम करना आवश्यक है। जब उस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जाता है तो अन्य क्षेत्रों में बेहतर विनियमन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में विनियमन की समाप्ति के माध्यम से उपयुक्त विनियमन हम सभी के लिए एक आवश्यकता बन जाता है।

सेठ ने कहा, ‘आगे का रास्ता विनियमन की बंदिशों को कम करने और बेहतर विनियमन के माध्यम से होगा। मेरे विचार में विनियमन की समाप्ति आवश्यक रूप से उचित नहीं है, बल्कि यह निर्देश के बजाय स्मार्ट विनियमन, स्मार्ट निगरानी है।’

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First Published - April 24, 2026 | 10:08 PM IST

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