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NBFC: गैर-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों ने कर्ज बांटने में दिखाई सुस्ती

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पहली तिमाही में NBFC के लोन वितरण में वृद्धि घटकर 5.7 फीसदी रही, होम लोन में 26.6 फीसदी की गिरावट आई

Last Updated- September 04, 2023 | 9:14 PM IST
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Business Standard

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की कर्ज बांटने की रफ्तार सुस्त पड़ती दिख रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में NBFC ने साल भर पहले के मुकाबले केवल 5.7 फीसदी ज्यादा कर्ज दिया। 2023 की अप्रैल-जून तिमाही में इन कंपनियों ने 2022 की पहली तिमाही के मुकाबले दोगुना यानी 100 फीसदी ज्यादा कर्ज बांटा था।

फाइनैंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (FIDC) के सह-चेयरमैन केवी श्रीनिवासन ने कहा कि अप्रैल-जून 2022 (वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही) में वृद्धि की रफ्तार बहुत अधिक होने के कारण और आवास ऋण मंजूरी में इस बार काफी कमी आने के कारण वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में वृद्धि प्रभावित हुई। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में वृद्धि काफी अधिक रही थी क्योंकि वैश्विक महामारी के दौरान सुस्ती के बाद अचानक मांग में तेजी आई थी। इस बार ब्याज दर अधिक होने के कारण आवास ऋण बहुत कम लिए गए। मगर पर्सनल लोन और गोल्ड लोन में पहले जैसी तेज वृद्धि हुई है।

श्रीनिवासन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ऋण वितरण की रफ्तार 5.7 फीसदी रही जो काफी कम है क्योंकि पिछले एक दशक के दौरान जून तिमाही में यह आंकड़ा 15 फीसदी से अधिक का रहा है। एक तिमाही पहले से तुलना करें तो जून 2024 (चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही) तिमाही में NBFC के ऋण आवंटन में मार्च 2024 (पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही) तिमाही के मुकाबले 20.3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। जून 2024 तिमाही में एनबीएफसी का कुल ऋण वितरण 3.51 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2024 तिमाही में यह आंकड़ा 4.41 लाख करोड़ रुपये रहा था।

इस बीच पर्सनल लोन में 18.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार गोल्ड लोन में 47.7 फीसदी, वाहन ऋण में 15.1 फीसदी और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में 16.3 फीसदी इजाफा हुआ। मगर कमर्शियल वाहन ऋण में 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और आवास ऋण में भी 26.6 फीसदी की गिरावट रही। FIDC ने आज एक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि संपत्ति गिरवी रखकर लिए जाने वाले ऋण और रेहन वाले कारोबार ऋण में भी वृद्धि नकारात्मक रही।

ग्रामीण इलाकों में ऋण वितरण सालाना 11.6 फीसदी बढ़ा। कस्बाई क्षेत्रों में आंकड़ा 12.4 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 2.2 फीसदी रहा। पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के मुकाबले तीनों श्रेणियों में जून 2024 तिमाही में कम वृद्धि हुई।

बहरहाल व्यापार एवं औद्योगिक ऋण में खास तौर पर तीसरी तिमाही से वृद्धि दिखने के आसार हैं। पूंजीगत खर्च देर से ही बढ़ गया है। ब्याज दरें ​​स्थिर रहने से ऋण वितरण और विशेषकर आवास ऋण वितरण की रफ्तार बढ़ेगी।

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First Published - September 4, 2023 | 9:14 PM IST

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