facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

NBFC की बढ़ी बैंकों पर निर्भरता: बॉन्ड यील्ड में उछाल के बाद कर्ज के लिए बैंकों की ओर मुड़ी कंपनियां

Advertisement

बॉन्ड बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे ब्याज के चलते एनबीएफसी अब बैंकों से कर्ज ले रही हैं। मार्च 2026 में बैंक ऋण 26.3% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया

Last Updated- April 30, 2026 | 9:55 PM IST
NBFC
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कॉरपोरेट बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के बीच गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पारंपरिक ऋणदाताओं की ओर रुख करने के कारण मार्च 2026 में बैंकों से एनबीएफसी को मिलने वाले ऋण में सालाना आधार पर लगभग 26.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह ऋण 20.65 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जब बकाया पोर्टफोलियो 16.35 लाख करोड़ रुपये था।

इंडस्ट्री सेग्मेंट में मार्च 2025 तक बैंक ऋण सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा है। 

इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और फाइनैंशियल सेक्टर के ग्रुप हेड कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, ‘पहली तिमाही में बॉन्ड जारी करने में उछाल आया था, जिसके बाद यह अपेक्षाकृत कम हो गया। उच्च ब्याज दरों और बॉन्ड बाजार में अस्थिरता के बीच एनबीएफसी बैंक से ऋण लेने का लाभ उठा सकते हैं।’ भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2025 से एनबीएफसी को बैंक ऋणों के लिए जोखिम भार  को भी कम कर दिया है, जिसे नवंबर 2023 में बढ़ाया गया था। इससे बैंकों को गैर-बैंकिंग संस्थाओं को ऋण देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।  

हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों को बैंक ऋण सालाना आधार पर 15.5 प्रतिशत की वृद्धि होकर 3.23 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधइ में 0.6 प्रतिश सालाना वृद्धि हुई थी। वहीं सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों को दिया गया ऋण 52.5 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 2.29 लाख करोड़ रुपये हो गया।

Advertisement
First Published - April 30, 2026 | 9:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement