अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जब बिजनेस स्टैंडर्ड ने भारत में बैंकों और बीमा कंपनियों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के आंकड़ों पर गौर किया, तो आंकड़े निराशाजनक थे। भारतीय बैंकों के बोर्ड में केवल 15 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं। बीमा कंपनियों के बोर्ड में सदस्यों की संख्या बेहतर है, लेकिन फिर भी 20 प्रतिशत से कम हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बोर्ड में महिला सदस्यों की संख्या, बोर्ड के कुल सदस्यों की संख्या का महज 10.6 प्रतिशत हैं। इनमें 4 बैंक ऐसे हैं, जहां बोर्ड में एक भी महिला नहीं है। निजी क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 17 प्रतिशत है।
भारतीय बैंकों में अब कोई महिला सीईओ नहीं है, चाहे वह निजी क्षेत्र हो या सार्वजनिक क्षेत्र। सूचीबद्ध लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) का प्रदर्शन कुछ सुधरा है। उनके बोर्ड में महिलाओं की हिस्सेदारी 16.9 प्रतिशत से थोड़ी अधिक थी। उज्जीवन एसएफबी के बोर्ड में सबसे ज्यादा 4 महिलाएं हैं। सूचीबद्ध बीमा कंपनियों के बोर्ड में 19.5 प्रतिशत महिला सदस्य हैं। तीन बीमा कंपनियों की सीईओ महिलाएं हैं।