facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

RBI’s draft LCR norms: नए नियम से बैंकों की कमाई को लग सकती है 4-11 प्रतिशत की चपत

Advertisement

आरबीआई ने देश में मोबाइल एवं इंटरनेट बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए खुदरा जमा के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत रकम का इंतजाम करने का प्रस्ताव दिया है।

Last Updated- July 26, 2024 | 11:37 PM IST
RBI MPC Meet

RBI’s draft LCR norms: खुदरा जमा से संबंधित भारतीय रिज़र्व (आरबीआई) के नए मसौदा नियमों के बाद बैंकों की कमाई पर 4-11 प्रतिशत की चपत लग सकती है। आरबीआई ने लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (एलसीआर) की गणना करते वक्त खुदरा जमा के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत रकम का प्रावधान करने का प्रस्ताव दिया है। पिछले कुछ समय से बैंक ग्राहकों से अधिक जमा रकम लेने के लिए ऊंची दर पर ब्याज दे रहे हैं।

आरबीआई ने देश में मोबाइल एवं इंटरनेट बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए खुदरा जमा के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत रकम का इंतजाम करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रावधान उन खुदरा जमा पर लागू होगा जो इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग के जरिये शुरू किए जाएंगे। मोबाइल एवं इंटरनेट बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल से ग्राहक अपनी सहूलियत से जमा रकम निकाल लेते हैं। विश्लेषकों ने कहा कहा कि अगर ये नियम लागू हुए तो इससे एलसीआर 20-30 आधार अंक तक कम हो सकता है।

जेफरीज ने अपने ग्राहकों को भेजे संदेश में कहा है, ‘बैंक एलसीआर नियमों के कारण अतिरिक्त रकम रखते हैं। मगर मौजूदा स्तर बरकरार रखने के लिए उन्हें जमा वृद्धि बढ़ानी पड़ेगी या ऋण आवंटन में रफ्तार सुस्त करनी होगी। इससे बैंकों की कमाई 4 से 10 फीसदी तक कम हो सकती है। सरकारी बैंकों पर इसका असर अधिक होगा।’

विश्लेषकों के अनुसार जिन बैंकों में एलसीआर अनुपात 130 प्रतिशत से अधिक है वे सहज स्थिति में हैं मगर ऐसे बैंकों की संख्या अधिक नहीं है। ब्रोकरेज कंपनी नुवामा ने कहा, ‘बैंकों को एलसीआर की शर्त पूरी करने के लिए जमा वृद्धि दर 4 प्रतिशत और बढ़ानी होगी। मगर ऐसा करना आसान नहीं होगा और वे अधिक रकम अलग तभी रख पाएंगे जब जमा दरों में भारी बढ़ोतरी होगी।’

नुवामा के अनुसार बैंकों की कमाई 5-11 प्रतिशत तक कम रह सकती है और एसबीआई, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक में खुदरा एलसीआई जमा सबसे अधिक हैं। इस ब्रोकरेज कंपनी ने कहा, ‘हमारी नजर में यह बैंकों के हक में नहीं जाएगा क्योंकि इससे एलसीआर 20-30 प्रतिशत तक घट जाएगा।’

मिसाल के तौर पर फेडरल बैंक का एलसीआर 30 जून 2024 तक 112.6 प्रतिशत था। शुक्रवार को बैंक का शेयर 3 प्रतिशत से अधिक फिसल गया जबकि मानक सूचकांकों ने 1.6 प्रतिशत की छलांग लगाई। ब्रोकिंग कंपनी मैक्वारी का कहना है कि आरबीआई के नए फरमान के बाद बैंकों का एलसीआर 16-20 प्रतिशत अंक फिसल सकता है। मैक्वारी के अनुसार यह बड़ी एवं चिंताजनक गिरावट होगी। जैफरीज के अनुसार एलसीआर 20-30 प्रतिशत तक फिसल सकता है।

मैक्वारी ने अपनी टिप्पणी में कहा, ‘मुद्दा यह है कि बैंकों को ऋण जमा अनुपात (एलडीआर) और एलसीआर में महीन संतुलन बनाए रखना पड़ता है और नकदी की हालत खस्ता रहने से स्थिति और जटिल हो जाएगी।’पिछले साल अमेरिका में सिलिकन वैली बैंक धराशायी हो गया था। जमाकर्ताओं ने एक ही दिन में बैंक से 42 अरब डॉलर निकाल लिए जिसके बाद यह नौबत आई थी। माना जा रहा है कि इसे देखते हुए ही आरबीआई ने खुदरा जमा के लिए अधिक प्रावधान का प्रस्ताव दिया है।

Advertisement
First Published - July 26, 2024 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement