RBI Deputy Governor: भारतीय रिजर्व बैंक में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने रोहित जैन को आरबीआई का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, रोहित जैन 3 मई या उसके बाद से अपना कार्यभार संभालेंगे। वह टी. रबी शंकर की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो रहा है।
रोहित जैन को बैंकिंग क्षेत्र में करीब तीन दशक का अनुभव है। उन्होंने रिजर्व बैंक में निगरानी, मानव संसाधन प्रबंधन और अन्य अहम विभागों में काम किया है। इससे पहले वह दिसंबर 2020 में आरबीआई में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाए गए थे।
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर जैन ने सुपरविजन विभाग में रिस्क, एनालिटिक्स और वल्नरेबिलिटी असेसमेंट से जुड़े काम संभाले। इस दौरान उन्होंने बैंकिंग सिस्टम की निगरानी और जोखिम प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शैक्षणिक रूप से भी रोहित जैन का बैकग्राउंड मजबूत है। उनके पास कॉमर्स में मास्टर्स डिग्री और एमबीए की डिग्री है। इसके अलावा उन्होंने बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े कई प्रोफेशनल कोर्स भी किए हैं, जिनमें इंटरनेशनल सर्टिफिकेट इन बैंकिंग रिस्क एंड रेगुलेशन, सीएआईआईबी और सर्टिफाइड बैंक ट्रेनर जैसी योग्यताएं शामिल हैं।
RBI Deputy Governor के चार पदों में से दो पद आंतरिक प्रमोशन के जरिए भरे जाते हैं। अक्टूबर 2025 में एस सी मुर्मू को आरबीआई के भीतर से ही प्रमोट कर डिप्टी गवर्नर बनाया गया था। वहीं, बाकी दो डिप्टी गवर्नर बाहर से चुने जाते हैं, जिनमें अर्थशास्त्री पूनम गुप्ता और वाणिज्यिक बैंकर स्वामीनाथन जे शामिल हैं। स्वामीनाथन जे इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।
जैन को आरबीआई के कुछ अहम विभागों की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इनमें फाइनेंशियल मार्केट्स रेगुलेशन, फॉरेन एक्सचेंज और पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम जैसे विभाग शामिल हैं। ये विभाग पहले रबी शंकर के पास थे। आरबीआई जल्द ही जैन के पोर्टफोलियो की औपचारिक घोषणा कर सकता है।
RBI Deputy Governor के इस पद के लिए सरकार ने पिछले महीने चार एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स का इंटरव्यू लिया था।