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सीतारमण ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ की मीटिंग, डिपॉजिट ग्रोथ के लिए कदम उठाने को कहा

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पिछले कुछ महीनों में ऋण वृद्धि जमा वृद्धि की तुलना में 3-4 प्रतिशत कम रही है, जिससे बैंकों के लिए परिसंपत्ति-देयता का असंतुलन पैदा हो गया है।

Last Updated- August 19, 2024 | 6:10 PM IST
Finance Ministry will meet bank heads बैंक प्रमुखों से मुलाकात करेगा वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के प्रमुखों के साथ प्रदर्शन समीक्षा बैठक की और उनसे जमा वृद्धि में सुधार लाने को कहा। पिछले कुछ महीनों में ऋण वृद्धि जमा वृद्धि की तुलना में 3-4 प्रतिशत कम रही है, जिससे बैंकों के लिए परिसंपत्ति-देयता का असंतुलन पैदा हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री ने बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन के साथ ही पीएम आवास योजना, पीएम सूर्य घर और पीएम विश्वकर्मा योजना सहित सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की। सूत्रों ने यह भी बताया कि सीतारमण ने जमा वृद्धि, ऋण-जमा अनुपात (सीडी अनुपात) और परिसंपत्ति गुणवत्ता का भी जायजा लिया।

वित्त मंत्री ने बैंकों के प्रमुखों से मुख्य बैंकिंग कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने और नवोन्मेषी उत्पादों को पेश करके जमा वृद्धि की गति बढ़ाने को कहा। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि जमा और कर्ज वृद्धि के बीच असंतुलन है। उन्होंने कहा, ‘‘कर्ज देने में वृद्धि अधिक है… मैं विभिन्न कारणों से (19 अगस्त को) बैंकों से मिलूंगी और उनसे जमा संग्रह के महत्व के बारे में बात करूंगी।’’

Also read: 5 लाख रुपये के बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस का समय-समय पर रिव्यू जरूरी, RBI डिप्टी गवर्नर ने बताई वजह 

सीतारमण ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को ब्याज दर के मामले में स्वतंत्रता दी है, और इस आजादी का इस्तेमाल करके उन्हें जमा को अधिक आकर्षक बनाना चाहिए। सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान साइबर सुरक्षा और वित्तीय क्षेत्र के जोखिमों से संबंधित चिंताओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी और जानबूझकर चूक करने वालों से संबंधित मुद्दे और राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

बजट 2024-25 पेश होने के बाद यह पहली समीक्षा बैठक थी। सरकारी बैंकों का शुद्ध लाभ मार्च, 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में 1.4 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जो इससे पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।

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First Published - August 19, 2024 | 6:10 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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