facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

वित्त विधेयक में ‘एंजल कर’ प्रावधान से स्टार्टअप पर असर नहीं: DPIIT सचिव

Advertisement
Last Updated- February 21, 2023 | 6:44 PM IST
Income Tax

वित्त विधेयक में ‘एंजल कर’ के प्रावधान से देश में स्टार्टअप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अनुराग जैन ने मंगलवार को यह बात कही। जैन ने IBVCA के कार्यक्रम में कहा कि विभाग के साथ पंजीकृत स्टार्टअप इकाइयां इसके दायरे में नहीं आएंगी।

उद्यम पूंजी उद्योग के लिये जनसंपर्क का काम करने वाले समूह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक चीज मैं स्पष्ट कर दूं कि इससे कम-से-कम स्टार्टअप पर असर नहीं पड़ेगा।’ सचिव ने कहा कि वित्त विधेयक में प्रावधान पूरी तरह से स्पष्ट है। इसमें कहा गया है कि DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप प्रस्ताव के दायरे से बाहर हैं। स्टार्टअप को मान्यता देने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। आवेदनकर्ता को यह स्वत: प्राप्त होता है।

आयकर अधिनियम की धारा 56(2) सात बी में संशोधनों के माध्यम से वित्त विधेयक में नियमों में प्रस्तावित परिवर्तनों के कारण स्टार्टअप चिंतित हैं। इसमें विदेशी निवेशकों को भी कर के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके तहत, अगर कोष शेयर के अंकित मूल्य से ऊपर प्राप्त होता है, विदेशी निवेशक से धन जुटाने वाला स्टार्टअप भी आयकर का भुगतान करने के लिये उत्तरदायी होगा।

जैन ने कहा कि ऐसे अन्य मुद्दे हैं जो उद्यम पूंजी निवेश करने वाले समुदाय ने उठाये हैं और उन्हें समीक्षा के लिए राजस्व विभाग के समक्ष रखा गया है। हालांकि, उन्होंने उन मुद्दों के बारे में और जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि हमें यह देखने की जरूरत है कि स्टार्टअप और नये जमाने की कंपनियों में घरेलू पूंजी को कैसे जुटाया जाए।

यह भी पढ़ें : Closing Bell : उतार-चढ़ाव के बीच सपाट बंद हुआ बाजार, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में 1 फीसदी की गिरावट

इस मोर्चे पर पहले ही बदलाव हो चुके हैं। इसके तहत दीर्घावधि पेंशन और बीमा कोष को वैकल्पिक निवेश कोषों में निवेश की अनुमति देना शामिल है। जैन ने कहा, ‘भारत 2047 तक एक विकसित देश होगा और एक अनुमान के अनुसार अर्थव्यवस्था का आकार उस समय 30,000 अरब डॉलर होगा। इस लिहाज से भारत उस समय दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो सकता है।’

Advertisement
First Published - February 21, 2023 | 6:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement