facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैंकों में पड़ी लावारिस जमा राशि पर सरकार सख्त, 14 जनवरी से दावे निपटान की रफ्तार का होगा आकलन

Advertisement

सरकारी सूत्रों ने कहा कि 25 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच एक महीने की दावा निपटान अवधि के दौरान बैंक 1071 करोड़ रुपये के दावों को निपटाने में सफल हुए थे

Last Updated- January 09, 2026 | 10:32 PM IST
Rupees
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त मंत्रालय एक उच्च स्तरीय बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा लावारिस संपत्तियों के निपटान में की गई प्रगति की समीक्षा बुधवार 14 जनवरी को करने जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा, ‘वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) में संयुक्त सचिव (बैंकिंग) की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) कोष में स्थानांतरित लावारिस जमा राशि की स्थिति और बैंकों में दावों के निपटान की गति का आकलन किया जाएगा।’अधिकारी ने आगे कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा में भाग लेंगे।  

 खबर प्रकाशित होने के लिए जाने तक इस सिलसिले में वित्त मंत्रालय को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला था।

अधिकारी ने आगे उल्लेख किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 31 मार्च, 2025 तक 63,939 करोड़ रुपये की लावारिस जमा राशि को डीईए फंड में स्थानांतरित कर दिया था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि 25 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच एक महीने की दावा निपटान अवधि के दौरान बैंक 1071 करोड़ रुपये के दावों को निपटाने में सफल हुए थे। व्यक्तिगत ऋणदाताओं में दावों के निपटान में स्टेट बैंक का हिस्सा सबसे अधिक था, जिसने 760.7 करोड़ रुपये के दावे स्वीकार किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक डीईए फंड में 20,225 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए थे।

Advertisement
First Published - January 9, 2026 | 10:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement