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Apple के 25 फीसदी iPhone बनेंगे भारत में !

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B20 की बैठक में पीयूष गोयल ने कहा कि Apple देश में iPhone मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर दे रही है ध्यान

Last Updated- January 23, 2023 | 7:49 PM IST
Apple iphone

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि अमेरिका की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी ऐपल (Apple) भारत में अपने आईफोन (iPhone) का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी नीतियों और बिना शर्त सब्सिडी जैसे कारोबार के लिए अनुकूल माहौल के कारण वैश्विक कंपनियां भारत को अपने मैन्युफैक्चरिंग का अड्डा बना रही हैं।

G20 के आधिकारिक वार्ता मंच – बिज़नेस 20 (B-20) के उद्घाटन सत्र में वैश्विक समुदाय को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘ऐपल के कुल उत्पादन का 5 से 7 फीसदी इस समय भारत में हो रहा है। अगर मैं गलत नहीं हूं तो वह अपना 25 फीसदी मैन्युफैक्चरिंग यहीं से करना चाहती है। ऐपल ने हाल ही में अपना नवीनतम हैंडसेट पेश किया है, जिसे भारत में ही बनाया गया है।’

ऐपल के आईफोन अब ‘मेड इन इंडिया’ हो गए हैं और इसका सबसे बड़ा संयंत्र बेंगलूरु में लगाया जा रहा है। ऐपल के लिए भारत में आईफोन फॉक्सकॉन (Foxconn), विस्ट्रॉन (Wistron) और पेगाट्रॉन (Pegatron) बनाती हैं।

गोयल ने कहा कि दुनिया को चिंता थी कि भारत कोविड-19 का मुकाबला कैसे करेगा। लेकिन देश ने डर को आशा में बदल दिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था में चमकते सितारे की तरह सामने आया है। दुनिया में कोई ऐसा बाजार नहीं है, जहां भारत की तरह अपार अवसर हों।

बढ़ती ब्याज दरों पर उन्होंने कहा कि महामारी और रूस-यूक्रेन विवाद के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गोयल ने कहा, ‘हमें लगता है कि मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए हमने सभी ठोस कदम उठाए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक भी इसी को ध्यान में रखते हुए आगे कदम उठाएगा।’

B20 इंडिया के अध्यक्ष और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया कि उद्योग प्रमुखों ने सात कार्यबलों और दो कार्य समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों की सिफारिशें दुनिया के लिए कितनी प्रासंगिक हैं, यह देखते हुए उन्हें नीतिगत वार्ता में शामिल किया जाएगा।

गांधीगनर में तीन दिवसीय B20 कार्यक्रम की शुरुआत 22 जनवरी को हुई थी। इसमें G20 सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों तथा 400 भारतीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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चंद्रशेखरन ने कहा, ‘सात कार्यबल दुनिया की वर्तमान और भावी जरूरतों को ध्यान रखते हुए बनाए गए हैं। पहला विषय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और उसे मजबूत बनाने के तरीके पर आधारित है। दूसरा विषय कामकाज का भविष्य है। हम सभी जानते हैं कि यह किस तरह बदल रहा है।’

अगस्त तक B20 के लिए एक उन्नत ढांचा तैयार हो जाएगा। G20 के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि इस दौर में सुनिश्चित करना होगा कि निजी क्षेत्र दुनिया भर में निवेश में तेजी लाए।

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First Published - January 23, 2023 | 7:49 PM IST

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