facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पहले चरण में खूब पड़ेंगे डाक मतपत्र, 2019 में लगभग 30 लाख लोगों ने डाक से अपना वोट डाला

Advertisement

Postal ballot voting: वर्ष 2009 के लोक सभा चुनाव से पोस्टल बैलट यानी डाक मतों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। उस चुनाव में लगभग दस लाख मत डाक से डाले गए थे।

Last Updated- April 17, 2024 | 10:58 PM IST
पहले चरण में खूब पड़ेंगे डाक मतपत्र, 2019 में लगभग 30 लाख लोगों ने डाक से अपना वोट डाला,Postal ballots stamp their voice: Lok Sabha election's phase 1 voting on

पिछले कुछ लोक सभा चुनावों से डाक मतपत्रों से पड़ने वाले वोटों की संख्या बढ़ती जा रही है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक हालिया विधान सभा चुनावों में डाक मत पत्रों से डाले जाने वाले वोटों की संख्या बहुत अधिक रही। पिछले लोक सभा चुनावों में लगभग 30 लाख लोगों ने डाक से अपना वोट डाला था। यह कुल पड़े मतों का लगभग 0.5 प्रतिशत है।

वर्ष 2009 के लोक सभा चुनाव से पोस्टल बैलट यानी डाक मतों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। उस चुनाव में लगभग दस लाख मत डाक से डाले गए थे। यह कुल पड़े मतों का लगभग 0.2 प्रतिशत था। इस बार डाक मतपत्रों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है। डाक मतों की संख्या बढ़ने का श्रेय इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल वोटिंग को दिया जा रहा है।

सरकारी बयान के अनुसार 2019 के चुनाव में कुल डाक मतों में लगभग 60.14 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल वोटिंग सिस्टम से डाले गए थे, जबकि 2014 के चुनाव में कुल 4 प्रतिशत वोट ही इस सिस्टम से आए थे।

डाक वाले वोटों में इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल वोटिंग सिस्टम से तीन चौथाई वोट 11 राज्यों से डाले गए थे। यही नहीं, इस सिस्टम से 11 प्रतिशत वोट देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश से मिले थे। इसके बाद आंध्र प्रदेश से 10.3 प्रतिशत, महाराष्ट्र से 9.7 प्रतिशत, तमिलनाडु से 8.3 प्रतिशत, राजस्थान से 7.9 प्रतिशत और गुजरात से 7 प्रतिशत वोट आए। इस बीच, 3 से 6 प्रतिशत के बीच पोस्टल बैलट बिहार, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश और केरल से मिले।

जिन नौ राज्यों में 2023 में विधान सभा चुनाव हुए, उनमें 17 लाख वोट डाक पत्रों से मिले। यह कुल पड़े वोटों का लगभग 1 प्रतिशत होता है। लेकिन त्रिपुरा जैसे राज्यों में पोस्टल बैलट की संख्या 3 प्रतिशत रही।

Advertisement
First Published - April 17, 2024 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement