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सिविल सर्विस की परीक्षा में ChatGPT से नकल, उत्तर लिखने के लिए AI टूल का किया इस्तेमाल

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Last Updated- May 30, 2023 | 5:37 PM IST
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टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल को लेकर चिंताओं के बीच एक ऐसे खबर आई है जो सबको हैरान करने वाली है। अपने सहूलियत के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले ChatGPT हाल ही में बहुत चर्चा में बना है और लोग तरह-तरह के काम के लिए इस तकनीक का सहारा ले रहे हैं।

हालांकि, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब गलत काम के लिए भी होने लगा है। तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन (TSPSC) के प्रश्न पत्र लीक मामले (question paper leak case) की जांच कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि सात आरोपियों में से एक ने सवालों के जवाब पाने के लिए जेनेरेटिव एआई टूल चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल किया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एक विशेष जांच दल (SIT) ने पाया कि एक आरोपी ने असिस्टेंट एक्सीक्यूटिव इंजीनियर और डिवीजनल अकाउंट ऑफिसर की भर्ती के लिए पेपर लीक होने के बाद एआई टूल का इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट की मानें तो परीक्षा के दौरान आरोपी ने ब्लूटूथ ईयरबड्स के माध्यम से जवाब दिए। यह देश के पहले मामलों में से एक हो सकता है, जहां सरकारी उम्मीदवारों ने परीक्षा में नकल करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और पकड़े गए।

इस मामले में SIT ने पूला रमेश को पकड़ लिया है, जिसने इस साल की शुरुआत में (22 जनवरी और 26 फरवरी) दो परीक्षाओं में बैठे सात उम्मीदवारों को चैटजीपीटी द्वारा प्रदान किए गए उत्तरों को फीड करने की योजना बनाई थी।

वहीं, रमेश ने परीक्षा के 10 मिनट बाद लीक हुए प्रश्न पत्र को एक्सेस किया और उत्तर लिखने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। सात उम्मीदवारों में से प्रत्येक ने कथित तौर पर परीक्षा पास करने के लिए 40 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी। रमेश ने 5 मार्च को एक परीक्षा में अन्य उम्मीदवारों को नकल करने में मदद की थी, हालांकि उन्होंने उत्तरों के लिए चैटजीपीटी का उपयोग नहीं किया था।

रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, “रमेश ने लीक हुए प्रश्नपत्र को 30 से अधिक उम्मीदवारों को 25 लाख से 30 लाख रुपए में बेचा।”

टेस्ला के सीईओ ईलॉन मस्क समेत कई एक्सपर्ट्स ने जनरेटिव एआई टूल्स से संबंधित डेवेलपमेंट को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, यह सरकार के हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं है।

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First Published - May 30, 2023 | 5:37 PM IST

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