facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

विमान निर्माताओं को भारत से ज्यादा ऑर्डर मिलने के आसार

Advertisement
Last Updated- February 19, 2023 | 10:07 PM IST
AIX Connect gets financial edge

भले ही वै​श्विक विमान निर्माताओं के डिलिवरी आंकड़े महामारी-पूर्व स्तरों से नीचे बने हुए हैं, लेकिन उनके लिए भारतीय बाजार में आगे चलकर ज्यादा अवसर मिल सकते हैं।

पिछले सप्ताह टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माताओं एयरबस (250) और बोइंग (220) से 470 नए विमान खरीदने की घोषणा की थी। यह अमेरिकन एयरलाइंस द्वारा 2011 में 460 विमानों की खरीद का ऑर्डर दिए जाने के बाद से वै​श्विक तौर पर सबसे बड़ा सौदा है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के आकलन से पता चलता है कि यह (एयर इंडिया द्वारा दिया गया ठेका) एयरबस को पिछले पांच साल (महामारी से पूर्व) में मिले औसत सालाना ऑर्डरों के 23 प्रतिशत के बराबर है। वहीं बोइंग के लिए यह महामारी-पूर्व औसत आंकड़े का 27 प्र​तिशत है। एयर इंडिया ने अन्य 370 जेट खरीदारी का भी विकल्प रखा है, जिसके साथ ही उसका कुल ऑर्डर बढ़कर 840 विमान हो जाएगा।

पिछले पांच वर्षों का आकलन कोविड-19 से पहले तक का है, क्योंकि इस महामारी की अव​धि में ऑर्डरों में बड़ी गिरावट आई थी। एयरबस ने 2019 में समाप्त पाचं साल में औसत तौर पर 1,066 विमानों के ऑर्डर हासिल किए थे। वहीं बोइंग के लिए यह आंकड़ा 823 था। महामारी के दौरान दोनों विमान निर्माताओं ने बड़ी गिरावट दर्ज की थी। एयरबस को मिलने वाले ऑर्डर वर्ष 2020 में 64 प्रतिशत घटकर 383 रह गए। वहीं बोइंग के ऑर्डर पिछले पांच साल के औसत से 78 प्रतिशत घटकर 2020 में 184 रह गए।

उसके बाद से ऑर्डरों में तेजी आई एयरबस को 2022 में 1,078 विमानों का ऑर्डर मिला था, जो कोविड-19 पूर्व पांच वर्षीय औसत सालाना आंकड़े 1,066 से अ​धिक था। वहीं बोइंग को 935 विमानों का ऑर्डर मिला था, जो महामारी-पूर्व 823 विमानों के मुकाबले ज्यादा था।

डिलिवरी में ज्यादा तेजी नहीं आई है। एयरबस ने 2022 में 663 विमान पहुंचाए, जो महामारी से पहले के पांच वर्षीय सालाना औसत 741 के मुकाबले 11 प्रतिशत कम है। वहं बोइंग ने 2022 में 480 वाहनों की डिलिवरी की, जो समीक्षाधीन अव​धि के मुकाबले 31 प्रतिशत कम है।

लेकिन विमानन परामर्श एवं शोध फर्म सेंटर फॉर ए​​शिया पैसीफिक एविशन इंडिया (सीएपीए इंडिया) के अनुसार भविष्य में विमान निर्माताओं को ज्यादा ऑर्डर मिल सकते हैं। कंपनी ने अपनी फरवरी 2023 की रिपोर्ट में कहा है, ‘अगले दशक के लिए हवाई यातायात अनुमानों से संकेत मिलता है कि भारतीय एयरलाइनें करीब 1,500-1,700 विमानों के लिए ऑर्डर देंगी।’

Advertisement
First Published - February 19, 2023 | 10:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement