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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे सिलिंडरों की आपूर्ति दोगुनी

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मंत्रालय ने कहा कि ये सिलिंडर केवल राज्य सरकारों द्वारा सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से प्रवासी श्रमिकों को ही दिए जाएंगे

Last Updated- April 07, 2026 | 11:09 PM IST
5kg LPG cylinder

पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी बढ़ने के कारण प्रवासी श्रमिकों के शहर छोड़कर जाने की खबरों के मद्देनजर, सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रत्येक राज्य में 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलिंडरों की मात्रा दोगुनी कर दी है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि सिलिंडरों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय 2 और 3 मार्च, 2026 के बीच प्रवासी श्रमिकों को दी जाने वाली औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि ये सिलिंडर केवल राज्य सरकारों द्वारा सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की सहायता से प्रवासी श्रमिकों को ही दिए जाएंगे।

मंत्रालय ने बताया कि 23 मार्च से अब तक लगभग 5-किलो के 7.8 लाख एफटीएल सिलिंडर बिक चुके हैं, जिनमें से 6 अप्रैल को देशभर में 1.06 लाख से अधिक सिलिंडर बिके, जबकि फरवरी में प्रतिदिन औसतन 77,000 सिलिंडर बिके थे। सरकारी तेल और गैस कंपनियों ने पिछले चार दिनों में 5-किलो के एफटीएल सिलिंडरों के लिए लगभग 1,300 जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 10,000 से अधिक सिलिंडर बिके।

सरकार ने कमर्शल एलपीजी के संबंध में बताया कि 14 मार्च से अब तक लगभग 86,439 मीट्रिक टन (एमटी) एलपीजी बेची जा चुकी है, जो 4.55 लाख से अधिक 19 किलोग्राम के सिलिंडरों के बराबर है। इसमें से लगभग 6,530 मीट्रिक टन एलपीजी अकेले 6 अप्रैल को बेची गई। सरकार ने कुल व्यावसायिक एलपीजी आवंटन को संकट से पहले के स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन भी शामिल है।

पश्चिम एशिया में एलपीजी संकट के बीच भारत में एलपीजी की कमी को देखते हुए, सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने के लिए वाणिज्यिक उपयोग हेतु आवंटन में कटौती की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत के एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आता है।

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First Published - April 7, 2026 | 10:44 PM IST

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